जब अयोध्या में पीएम मोदी करेंगे राममंदिर का भूमिपूजन, इस देश में होगी ऑनलाइन प्रार्थना

PM Narendra Modi will do Bhoomipujan of Ram temple in Ayodhya online prayers will be done in this country : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे. इस भूमि पूजन के अवसर पर उत्तर अमेरिका के हिंदू मंदिरों में ऑनलाइन राष्ट्रीय प्रार्थना का आयोजन किया जाएगा. धार्मिक समूहों ने यह जानकारी दी है.
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे. इस भूमि पूजन के अवसर पर उत्तर अमेरिका के हिंदू मंदिरों में ऑनलाइन राष्ट्रीय प्रार्थना का आयोजन किया जाएगा. धार्मिक समूहों ने यह जानकारी दी है.
हिंदू मंदिर एग्जिक्यूटिव्ज कॉन्फ्रेंस (एचएमईसी) और हिंदू मंदिर प्रीस्ट्स कॉन्फ्रेंस (एचएमपीसी) ने शुक्रवार को एक वक्तव्य जारी कर अयोध्या में होने वाले ‘‘श्री राम मंदिर भूमि पूजन” के अवसर पर पूरे अमेरिका में एक साथ राष्ट्रीय प्रार्थना करने का आह्वान किया.
इसमें कहा गया कि इस शुभ अवसर पर अमेरिका, कनाडा और कैरिबियाई द्वीपों के मंदिर भूमि पूजन की पूर्व संध्या पर भगवान राम के ‘चरणकमल’ में सेवा देंगे। कैलिफोर्निया के बे इलाके में शिव दुर्गा मंदिर के संस्थापक, अध्यक्ष एवं आचार्य पंडित कृष्ण कुमार पांडेय ने कहा, ‘‘वैश्विक हिंदू समुदाय के लिए पांच अगस्त 2020 का ऐतिहासिक समारोह नये युग की शुरुआत है.
हमें इस दिन को अब से एक त्योहार के रूप में मनाना चाहिए.” अमेरिका में विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि पांच अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में मंदिर की आधारशिला रखेंगे तब उस अवसर पर प्रार्थनाओं का आयोजन किया जाएगा. उत्तर अमेरिका में सामूहिक मंत्रोच्चारण होगा, जिसके बाद अनूप जलोटा और संजीवनी भेलांडे का भजन सुना जाएगा.
Posted By : Rajneesh Anand
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By रजनीश आनंद
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रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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