मंच पर खूब लगे ठहाके, शरद पवार ने ठोकी पीएम मोदी की पीठ, देखें वीडियो

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 01 Aug 2023 2:09 PM

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लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 103वीं पुण्यतिथि है. इसलिए पीएम मोदी को पुरस्कार देने के लिए आज का दिन चुना गया. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी नजर आये. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का वीडियो वायरल हो रहा है. देखें वीडियो

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इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस (इंडिया) का गठन पिछले दिनों बेंगलुरू में किया गया था. इस एलायंस के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किया. इस कार्यक्रम में पवार के शिरकत करने का विरोध कुछ दलों ने किया. इसके बाद भी एनसीपी प्रमुख पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में पहुंचे. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पुणे के दौरे हैं. इस दौरान उन्हें लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया. इस कार्यक्रम में शरद पवार भी नजर आये.

इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो सामने आया है जिसमे नजर आ रहा है कि पीएम मोदी ने मंच पर पहुंचने के बाद लोगों को अभिवादन किया. इस दौरान वे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पास भी पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच कुछ हंसी ठिठोली हुई. इसके बाद पवार ने पीएम मोदी की पीठ ठोकी और हंसकर उनसे बाद करते नजर आये. इस मंच पर पीएम मोदी और शरद पवार के अलावा अजीत पवार और सीएम एकनाथ शिंदे के साथ अन्य नेता भी थे. आप भी देखें ये वीडियो

एक-दूसरे पर भरोसे से ही हम मजबूत होंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा कि एक-दूसरे पर भरोसा ही देश को मजबूत बनाएगा. मोदी ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि यदि अविश्वास का माहौल है तो विकास असंभव है. प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार के साथ मंच साझा करते हुए उक्त बातें कही. प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक स्वतंत्र प्रेस के महत्व का समझते थे. पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी. अंग्रेजों ने उन्हें भारतीय अशांति का जनक कहा था.

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इस कार्यक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि भारत में पहली सर्जिकल स्ट्राइक छत्रपति शिवाजी के कार्यकाल में हुई थी. देश ने दो युग देखे हैं- एक तिलक का और दूसरा महात्मा गांधी का…कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है जब दूसरे देशों के नेता उनका (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का) सम्मान करते हैं. कोई उन्हें बॉस कहते हैं और कोई उन्हें झुककर प्रणाम करते हैं.

कांग्रेस ने इसे पवार का निजी फैसला बताया

कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण का बयान सामने आया था. उन्होंने कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार का पुणे में एक पुरस्कार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करना एनसीपी प्रमुख का निजी निर्णय है. कार्यक्रम में पवार के शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर चव्हाण ने सातारा में मीडिया के समक्ष कहा कि कहा कि यह उनका निजी फैसला है. आपको बता दें कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी का हिस्सा हैं.

शिवसेना (यूटीबी) ने कहा था पुनर्विचार करने को

शिवसेना (यूटीबी) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार को उस कार्यक्रम में शिरकत करने के अपने फैसले पर पुन: विचार करना चाहिए जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. पवार ने मंगलवार को पुणे में लोकमान्य तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल लिया, जहां वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच पर नजर आये.

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विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया था

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि यह गठबंधन के लिए ठीक नहीं होगा. कुछ नेताओं ने कार्यक्रम में शामिल होने के फैसले पर इसलिए भी सवाल उठाया क्योंकि उनके भतीजे अजित पवार विद्रोह करके महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गये हैं. सावंत ने कहा कि तिलक ने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा दिया था. लेकिन “क्या आज स्वराज है?” आज के हालात में उन्हें (पवार को) सोचना चाहिए..यह स्व-राज यानी एक व्यक्ति का राज है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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