लाल किले से भाषण के दौरान अटके पीएम मोदी, विपक्ष ने कहा- 'बिना टेलीप्रॉम्प्टर के महामानव'
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी, फोटो पीटीआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान, उनके लिखित नोट्स देखने पर विपक्ष ने तंज कसा है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 'टेलीप्रॉम्प्टर के बिना महामानव' कहकर सवाल उठाए, जबकि आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी भाषण की शैली पर टिप्पणी की.
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने पीएम मोदी के भाषण का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सवाल खड़े किए. संबोधन के दौरान जब प्रधानमंत्री 2014 के बाद से भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (बायो-इकोनॉमी) में हुई प्रगति का जिक्र कर रहे थे, तब वे बोलते-बोलते कुछ क्षणों के लिए रुके और उन्हें अपने लिखित नोट्स देखने पड़े.
पवन खेड़ा ने कहा- 'टेलीप्रॉम्प्टर के बिना महामानव'
पीएम मोदी के वीडियो क्लिप को साझा करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए लिखा, "बिना टेलीप्रॉम्प्टर के महामानव." खेड़ा ने अपने पोस्ट में रील वाले टेप को भी दिखाया, जिसमें टेप से रील बाहर निकला हुआ दिख रहा है. वहीं, आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी वीडियो साझा कर प्रधानमंत्री के आत्मविश्वास और संबोधन की शैली पर सवाल उठाए.
पीएम मोदी ने पिछले 4 साल में दिया सबसे छोटा भाषण
इस बार प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण पिछले चार वर्षों में सबसे छोटा (लगभग 75 मिनट) रहा, जबकि 2023 में उन्होंने लगभग 90 मिनट का भाषण दिया था. संक्षिप्त होने के बावजूद, अपने इस संबोधन में उन्होंने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, एमएसएमई (MSME), उच्च शिक्षा, कोचिंग संस्थानों और नक्सलवाद जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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