PM Modi 8 years: नरेंद्र मोदी के इन फैसलों ने बदली भारत की तस्वीर, इस तरह बन गये ग्लोबल लीडर
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 26 May 2022 6:34 AM
PM Modi 8 years : आठ सालों में उन्होंने अपने चुनावी वादे तो निभाये ही, देश और जनता के हित में कई बड़े और दूरगामी फैसले भी लिये. देखते ही देखते मोदी ग्लोबल लीडर बन गये. मोदी सरकार के बड़े फैसलों की एक झलक यहां पर देखिए.
PM Modi 8 years: देश में चारों ओर भ्रष्टाचार की गूंज थी. एक के बाद एक स्कैम सामने आ रहे थे. तब भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री का चेहरा घोषित किया. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र दामोदार मोदी ने कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के खिलाफ चुनावी अभियान की कमान संभाली. आखिरकार वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आयी. संसद की दहलीज पर मत्था टेकने वाले नरेंद्र मोदी ने सरकार चलाने का अंदाज ही बदल दिया. एक के बाद एक कई साहसिक फैसले लिये और अपने 8 साल के कार्यकाल में ग्लोबल लीडर के रूप में उभरे. उन्होंने विश्व को कोरोना से लड़ने का मंत्र दिया, तो चीन की चालबाजियों की काट भी दी. 26 मई 2022 को सरकार की आठवीं सालगिरह है. आठ सालों में उन्होंने अपने चुनावी वादे तो निभाये ही, देश और जनता के हित में कई बड़े और दूरगामी फैसले भी लिये. देखते ही देखते मोदी ग्लोबल लीडर बन गये. मोदी सरकार के बड़े फैसलों की एक झलक यहां देखिए.
टैक्स सुधार की दिशा में नरेंद्र मोदी की सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को लागू किया. आज देश में टैक्स कलेक्शन के कई रिकॉर्ड स्थापित हो चुके हैं.
देश में मुस्लिमों में प्रचलित तीन तलाक की प्रथा को खत्म करने का साहसिक फैसला नरेंद्र मोदी की सरकार ने लिया. हालांकि, इसका काफी विरोध हुआ, लेकिन सरकार के अडिग रुख की वजह से संसद में कानून पारित करके इस सामाजिक बुराई को दूर किया.
मोदी सरकार के कार्यकाल में ही वन नेशन वन राशन कार्ड लागू हुआ. यानी अब आप जहां भी जायेंगे, राशन कार्ड आपके साथ जायेगा. जहां आप रहेंगे, वहीं आपको उस कार्ड पर राशन मिलेगी. प्रवासी भारतीयों के लिए यह फैसला बहुत फायदेमंद साबित हुआ है.
बार-बार घुसपैठ करने और भारतीय जवानों पर हमला करने वाले पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर सबक सिखाया. मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके वहां चल रहे आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया. पाकिस्तान को अब भी उसका दर्द महसूस होता है.
सैन्यकर्मियों की लंबे अरसे से लंबित मांग को मोदी सरकार ने पूरा किया. वन रैंक वन पेंशन की सैनिकों की मांग को पूरा किया और उसके लिए बजट भी आवंटित किया.
डोकलाम हो या गलवान घाटी. हर जगह चीन को मोदी सरकार ने करारा जवाब दिया. गलवान घाटी में जब चीनी सैनिकों के साथ भारतीय जवानों की हाथापायी हुई, तो भारतीय सैनिकों ने चीन को अपनी ताकत का एहसास कराया.
भारतीय जनता पार्टी अपने हर घोषणा पत्र में वादा करती थी कि सत्ता में आने पर वह अनुच्छेद 370 को खत्म करके जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनायेगी. मोदी सरकार को जब दूसरी बार पूर्ण बहुमत मिला, तो उसने कुछ ही दिनों बाद अनुच्छेद 370 को समाप्त करके जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश में तब्दील कर दिया. हालांकि, मोदी सरकार ने आश्वासन दिया है कि जब हालात सामान्य हो जायेंगे, डीलिमिटेशन की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी, तो जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा फिर से बहाल कर दिया जायेगा. परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
मोदी सरकार ने देश में कई सुधार किये. गरीब परिवारों को मुफ्त में 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा देने वाला आयुष्मान कार्ड दिया, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के घर बने. उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त में एलपीजी सिलेंडर मिले, स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोगों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये मिले. गांव-गांव तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचायी गयी, तो नल-जल योजना के तहत घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है.
मोदी सरकार ने बिजनेस के अंदाज को भी बदल दिया. इज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0 और वैश्विक नवीकरण इंडेक्स में भारत को ऊपर लाये, तो विदेशी निवेश के मामले में भारत को दुनिया का सबसे बेहतरीन जगह बनाया. वर्ष 2020-21 में 80 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ.
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी तरह सोशलिस्ट दौर के पंचवर्षीय योजना मॉडल से इतर फ्री मार्केट ग्लोबल मेट्रिक में बदला, जो एक दो साल नहीं, बल्कि 25 साल के बाद की योजना लेकर चलता है. मोदी सरकार के कार्यकाल में कॉर्पोरेट टैक्स तार्किक हुए. टैक्स टेरेरिज्म और रेट्रोस्पेक्टिव टैक्सेशन से बिजनेस फ्रेंडली माहौल बना.
कोरोनावायरस के संक्रमण के दौरान जब पूरी दुनिया तबाह थी, तब भारत ने न केवल वैक्सीन का निर्माण किया, बल्कि दुनिया के 100 से अधिक देशों के करोड़ों लोगों को मुफ्त में वैक्सीन उपलब्ध करवाये. भारत में अपने नागरिकों को मुफ्त में वैक्सीन लगाने का विशेष अभियान चलाया गया. अब लोगों को बूस्टर डोज भी दिये जा रहे हैं. अब तक 193 करोड़ वैक्सीन की डोज लोगों को लग चुकी है. कोरोना से निबटने में पीएम मोदी ने विश्व के अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का भी मार्गदर्शन किया.
भारत का शिक्षित और स्किल्ड युवा उद्यमी जोखिम लेने से घबराता नहीं. इसकी वजह यह है कि उसके लिए एक अनुकूल इकोसिस्टम तैयार हो चुका है. स्टार्टअप के मामले में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा देश बन चुका है.
मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था के डिजिटाइजेशन का बड़ा अभियान चलाया. आज स्थिति यह है कि दुनिया के विकसित देशों से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहे हैं. आंकड़े बताते हैं कि पूरी दुनिया में जितना डिजिटल ट्रांजैक्शन होता है, उसका 40 फीसदी सिर्फ भारत में होता है. पीएम मोदी का दावा है कि डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने की वजह से रिश्वतखोरी कम हुई है. सरकार और नागरिक के बीच जो बिचौलिये होते थे, उस प्रथा को समाप्त करने के लिए सरकार ने सीधे लाभुकों के खाते में पैसे ट्रांसफर करना शुरू किया.
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान जब पूरी दुनिया दो ध्रुव में बंट रही थी, तब नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने तटस्थ रुख अपनाया. अमेरिका के दबाव के आगे भी बिना झुके हुए रूस और अमेरिका दोनों से दोस्ती कायम रखी. रूस को यूक्रेन से बातचीत के जरिये विवाद को सुलझाने का सुझाव दिया. साथ ही युद्ध रोकने का आह्वान भी किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










