संसद 'स्मोक' कांड के बाद आरोपियों के परिवार का बुरा हाल, रोजी-रोटी के लाले पड़े, घर से बाहर निकलना भी मुश्किल
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 16 Dec 2023 8:17 PM
**EDS: GRAB VIA PTI VIDEO** New Delhi: Police personnel detain a man protesting outside the Parliament building carrying a can emitting a yellowish smoke during the Winter session, in New Delhi, Wednesday, Dec. 13, 2023. (PTI Photo) (PTI12_13_2023_000172B)
6 आरोपियों में एक का नाम अमोल शिंदे है, जिसे पुलिस ने संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किया. अमोल और नीलम संसद भवन के बाहर हंगामा और नारेबाजी की घटना हो अंजाम दिया था. जबकि सागर शर्मा और मनोरंजन डी लोकसभा के अंदर दाखिल हुए. अमोल महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है. अमोल के माता-पिता गरीब मजदूर हैं.
संसद की सुरक्षा में चूक मामले में पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है. मास्टरमाइंड ललित झा के मुख्य सहयोगी महेश कुमावत को लंबी पूछताछ के बाद शनिवार को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया, बाद में कोर्ट ने उसे 7 दिनों की हिरासत में भेज दिया. संसद ‘स्मोक कांड’ के बाद आरोपियों के परिजनों का बुरा हाल है. रो-रोकर परिजनों का हाल बुरा है. उनके सामने रोजी-रोटी के भी लाले पड़ गए हैं. घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है.
आरोपी अमोल शिंदे के माता-पिता को नहीं मिल रहे काम, रोजी-रोटी के लाले
6 आरोपियों में एक का नाम अमोल शिंदे है, जिसे पुलिस ने संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किया. अमोल और नीलम देवी संसद भवन के बाहर हंगामा और नारेबाजी की घटना हो अंजाम दिया था. जबकि सागर शर्मा और मनोरंजन डी लोकसभा के अंदर दाखिल हुए. अमोल शिंदे महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है. अमोल के माता-पिता गरीब मजदूर हैं. संसद कांड के बाद से उनका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. उन्हें कोई काम नहीं दे रहा है. उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, घटना के बाद से वह अपने घर से बाहर नहीं निकल पाएं हैं. उनके पास चायपत्ती खरीदने के भी पैसे नहीं हैं. अमोल के माता-पिता खेतों में मजदूरी करते हैं. उनके पिता धनराज शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, उसका बेटा पुलिस भर्ती के लिए दिल्ली गया था और तब से उसका फोन बंद है. उन्हें अपने बेटे के बारे में तब जानकारी मिली, जब मीडिया और पुलिस वाले उसके घर पहुंचे थे.
Also Read: संसद सुरक्षा चूक मामला: क्यों मास्टरमाइंड ललित झा ने दिया घटना को अंजाम?
कोलकाता में पुरोहित का काम कर अपनी जीविका चलाते हैं ललित झा के पिता
संसद की सुरक्षा में चूक की घटना का मास्टरमाइंड ललित झा भी पुलिस गिरफ्त में है. उसके माता-पिता भी गरीबी की हालत में हैं. बेटे के बारे में जानकर वो हतप्रभ हैं. बिहार के दरभंगा जिला के अलीनगर प्रखंड अंतर्गत रामपुर उदय गांव निवासी ललित झा के पिता देवानंद झा अपने जर्जर पैतृक घर के बाहर लोगों के जमावड़े से असहज दिखे. वह कोलकाता में पुरोहित का काम कर अपनी जीविका चलाते हैं. देवानंद जो इन दिनों अपने पैतृक घर पर हैं. उन्होंने कहा, मुझे अपने बेटे की गिरफ्तारी के बारे में अन्य लोगों के माध्यम से जानकारी मिली. आप सभी देख सकते हैं, हमारे पास एक टीवी भी नहीं है. पूरे घटनाक्रम से सदमे में दिखीं देवानंद की पत्नी मंजुला ने सिसकियों के बीच कहा, मेरा बच्चा बदमाश नहीं है. वह गलत कामों में शामिल नहीं हो सकता. वह हमेशा लोगों की मदद करता रहा है. उसने तीन बार अपना रक्त दान किया है.
आरोपियों ने संसद में किया हंगामा, सुरक्षा पर लगाया सेंध
गौरतलब है कि 13 दिसंबर को संसद पर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर संसद की सुरक्षा में सेंध लगाकर दो व्यक्ति सागर शर्मा और मनोरंजन बुधवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए और पीले रंग की गैस फैलाई. सांसदों द्वारा पकड़े जाने से पहले उन्होंने कैन फेंके और नारे लगाए.
आत्मदाह करने वाले थे आरोपी
संसद की सुरक्षा में 13 दिसंबर को सेंध लगाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया है कि उन्होंने लोकसभा के कक्ष में कूदकर धुआं उड़ाने की योजना पर सहमति बनाने से पहले स्वयं को आग लगाने और पर्चे बांटने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










