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Parliament Winter Session: लोकसभा ने जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक 2022 संसद की संयुक्त समिति को भेजा

Updated at : 23 Dec 2022 10:48 AM (IST)
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Parliament Winter Session: लोकसभा ने जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक 2022 संसद की संयुक्त समिति को भेजा

Parliament Winter Session: जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक 2022 गुरुवार को लोकसभा में पेश किया गया. निचले सदन ने इस विधेयक को अध्ययन एवं विचार के लिए संसद के दोनों सदनों की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति को भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

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Parliament Winter Session: केंद्र सरकार ने छोटी-छोटी गलतियों को अपराध के दायरे से बाहर रखने के प्रावधान वाला जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक 2022 गुरुवार को लोकसभा में पेश किया. सदन ने इस विधेयक को अध्ययन एवं विचार के लिए संसद के दोनों सदनों की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति को भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

केंद्रीय मंत्री ने सदन में कही ये बात

विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अद्वितीय कल्पना से हमने इस विधेयक के माध्यम से 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 अलग-अलग कानूनों में 183 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने का प्रस्ताव किया है. उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास एवं व्यापारियों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है तथा इससे अदालतों पर भी भार कम होगा. उन्होंने कहा कि इसलिए इसका नाम जन विश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक, 2022 रखा गया है.

जानिए किन कानूनों को किया जा रहा संशोधित

जिन कानूनों को संशोधित किया जा रहा है, उनमें ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम 1940, लोक ऋण अधिनियम 1944, फार्मेसी अधिनियम 1948, सिनेमेटोग्राफ अधिनियम 1952, कॉपीराइट अधिनियम 1957, पेटेंट अधिनियम 1970, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 शामिल हैं. इनके अलावा ट्रेड मार्क अधिनियम 1999, रेलवे अधिनियम 1989, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, धनशोधन रोकथाम अधिनियम 2002, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006, लीगल मेट्रोलॉजी अधिनियम 2009 और फैक्टरिंग विनियमन अधिनियम 2011 भी हैं.

जनता की जिदंगी आसान बनाने के लिए निर्णय

पीयूष गोयल ने कहा कि देश में कई सारे ऐसे कानून हैं, जिसमें छोटी-छोटी गलतियों के लिए लोगों को सजा दी जाती है. कानूनी कार्रवाई होती है और उन्हें अदालतों के चक्कर लगाने होते हैं. उन्होंने कहा कि यह सरकार लोगों के ऊपर भरोसे की बात करती है और मानती है कि सामान्यतया व्यापारी वर्ग, आम लोग ईमानदारी से काम करते हैं और जीवन यापन करते है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी लोगों से गलती हो जाती है, उनके लिए सरकार का मानना है कि उन्हें छोटी-छोटी गलतियों के लिए अदालत नहीं जाना पड़े और जुर्माना देकर मामला सुलझ जाए. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 से ही हमारी सरकार लगातार जनता की जिदंगी आसान बनाने के लिए लगातार निर्णय लेती जा रही है. इनमें स्वत: प्रमाणन, जीएसटी जैसे नये कानून और अन्य कई कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये. इससे व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता बढ़ी है.

संयुक्त समिति के सदस्यों के बारे में जानिए

संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति में लोकसभा से 21 सदस्य होंगे जिनमें बीजेपी के पीपी चौधरी, संजय जायसवाल, उदय प्रताप सिंह, संजय सेठ, क्वीन ओझा, खगेन मूर्म, पूनम महाजन, पूनम मदाम, अपराजिता सारंगी, राजेंद्र अग्रवाल, रतन लाल कटारिया और अरविंद ब्रह्मपुरी, कांग्रेस के गौरव गोगोई और डीन कुरियाकोस, टीएमसी के सौगत रॉय, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की वी सत्यवती, द्रमुक के ए राजा, शिवसेना से गजानन कीर्तिकर, जदयू सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र और बसपा के गिरीश चंद्र हैं. इनके अलावा राज्यसभा के 10 सदस्य समिति में होंगे. पीयूष गोयल ने कहा कि समिति बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले साप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट देगी. (इनपुट:भाषा)

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Samir Kumar

लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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