अयोध्या के राम मंदिर से पाकिस्तान को लगी मिर्ची! अब पीएम नरेंद्र मोदी से इस बात का है डर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Jan 2024 9:24 AM
**EDS: GRAB VIA PMINDIA WEBSITE** Ayodhya: Prime Minister Narendra Modi offers prayers before the idol of Ram Lalla during the 'Pran Pratishtha' ceremony at the Ram Mandir, in Ayodhya, Monday, Jan. 22, 2024. (PTI Photo)(PTI01_22_2024_000123B)
आयोध्या में आज से आम श्रद्धालुओं को भी रामलला के दर्शन प्राप्त हो सकेंगे. प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद मंदिर जाने पर पर लगी रोक खत्म हो गई है. इस बीच पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सामने आई है. अब उसे पीएम मोदी से ज्यादा डर लगने लगा है.
अयोध्या के राम मंदिर में सोमवार को हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद आज पहली सुबह श्रीराम लला की पूजा करने और दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है. अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान, फिजी, इंडोनेशिया, मॉरीशस, त्रिनिदाद, टोबैगो और अफ्रीकी देशों सहित दुनिया के 60 से अधिक देशों में प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाया गया जिसका वीडियो भी सामने आया है. राम मंदिर की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया में छाई हुई है. इस बीच खबर है कि राम मंदिर में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह से भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मिर्ची लगी है. जी हां…पाकिस्तान की प्रतिक्रिया बता रही है कि वह कितने गुस्से में है.
जो खबर सामने आ रही है उससे पता चलता है कि पाकिस्तान इसे हिंदू राष्ट्रवादी राजनीति की जीत के तौर पर देखने में लगा हुआ है. यही नहीं पाकिस्तान ने इसे भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव अभियान से भी जोड़ा है. अब पाकिस्तान को भारत से डर भी लगने लगा है. पाकिस्तान के विदेश ऑफिस की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि पिछले 31 साल का घटनाक्रम भारत में बढ़ते बहुसंख्यकवाद की ओर इशारा कर रहा है. ये भारतीय मुस्लिमों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने की कोशिश है. पाकिस्तान की ओर से आगे कहा गया है कि एक ध्वस्त मस्जिद की जगह इस मंदिर का निर्माण किया गया है. आने वाले समय में यह भारतीय लोकतंत्र पर कलंक बनेगा.
पाकिस्तान को सता रहा है डर
आपको बता दें कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अभियान चलाने का काम किया जाता है. समय-समय पर हिंदुओं पर हमले की खबर आती है. हिंदू लड़कियों का अपहरण करके उनका मुस्लिम लड़कों के साथ जबरन निकाह कराया जाता है. पाकिस्तान में एक भी नए मंदिर का निर्माण नहीं होता, इसके बाद भी विदेश विभाग की ओर से भारत को ज्ञान दिया जा रहा है. ज्ञान देने के दौरान पाकिस्तान का डर साफ नजर आ रहा है, क्योंकि वह कह रहा है कि वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की शाही ईदगाह समेत मस्जिदों की सूची बढ़ती जा रही है, जो इसी प्रकार के खतरे का सामना कर रही है.
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कनाडा में 22 जनवरी राम मंदिर डे घोषित
कनाडा के ओंटारियो राज्य के ब्रॉम्पटन और ओकविल में 22 जनवरी को राम मंदिर डे घोषित कर दिया गया है. ब्रॉम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने कहा कि राम मंदिर के जरिये हिंदुओं का सदियों पुराना सपना पूरा हो रहा है. ब्रॉम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में लोग भारत और भगवान श्रीराम के झंडों के साथ प्राण प्रतिष्ठा का लाइव टेलीकास्ट देखते नजर आये.
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न्यूजीलैंड के मंत्री बोले- ‘जय श्रीराम’
न्यूजीलैंड के मंत्री डेविड सीमोर ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाये. उन्होंने भारत को श्रीराम मंदिर के लिए बधाई दी. कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करीब 500 साल बाद मंदिर बना है, जो हजारों साल तक रहेगा.
आइए, श्रीराम के अयोध्या लौटने पर खुशी मनाएं. उनका आशीर्वाद और शिक्षाएं, शांति व समृद्धि की दिशा में हमारा मार्ग प्रशस्त करती रहे. जय हिंद! जय मॉरीशस!
प्रविंद कुमार जगन्नाथ, प्रधानमंत्री, मॉरीशस
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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