केंद्र सरकार मौजूदा सत्र में ला सकती है ‘एक देश, एक चुनाव’ बिल, विस्तृत चर्चा कराने पर हो रहा विचार
Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Dec 2024 7:51 PM
One Nation One Election
One Nation One Election: केंद्र सरकार मौजूदा शीतकालीन सत्र में ही एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक संसद में पेश कर सकती है. केंद्र सरकार चाहती है कि एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हो.
One Nation One Election: केंद्र सरकार मौजूदा शीतकालीन सत्र में ही एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक संसद में पेश कर सकती है. सरकार ने बिल पेश करने की तैयारी भी शुरू कर दी है. एक देश, एक चुनाव पर रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट को कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल गई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार बिल पर चर्चा के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज सकती है. सरकार इस बिल पर आम सहमति लाने के लिए इस पर विस्तृत चर्चा कराने पर विचार कर रही है.
रामनाथ कोविंद समिति ने पेश किया था रिपोर्ट
वन नेशन-वन इलेक्शन पर विचार करने के लिए 2 सितंबर 2023 को रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था. समिति ने 14 मार्च 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. समिति ने 191 दिनों तक विभिन्न विशेषज्ञों और राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श किया था. इसके बाद 18,626 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी. समिति ने 62 राजनीतिक दलों से संपर्क किया था. इनमें से 32 पार्टियों ने एक देश, एक चुनाव का समर्थन किया था. वहीं 15 राजनीतिक दलों ने विरोध जताया था. 15 दलों ने कोई जवाब नहीं दिया था.
विस्तृत चर्चा कराना चाहती है सरकार
एक देश, एक चुनाव विधेयक सरकार इसी सत्र में पेश करने पर विचार कर रही है. सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार चाहती है कि एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हो.
विपक्षी दल कर रहे हैं विरोध
एक राष्ट्र, एक चुनाव का विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने इसका जोरदार विरोध किया था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था एक राष्ट्र, एक चुनाव व्यावहारिक नहीं है.
Also Read: . RBI New Governor: संजय मल्होत्रा होंगे आरबीआई के नये गवर्नर, शक्तिकांत दास की लेंगे जगह
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










