Fake News: ‘असम से एक भी हाथी नहीं भेजा गया गुजरात', सीएम हिमंता ने खबरों को बताया झूठा और निराधार

Published by : Pritish Sahay Updated At : 23 Jan 2025 10:44 PM

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Himanta Biswa Sarma

Fake News: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के ऑफिस ने जंगली हाथियों को असम से गुजरात ले जाने की बातों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. सीएम ऑफिस की ओर से जारी एक बयान में इन खबरों को भ्रामक करार दिया गया है.

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Fake News: असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया में फैल रही एक खबर को भ्रामक और फर्जी करार दिया है. सीएम सरमा ने जंगली हाथियों को असम से गुजरात ले जाने की बातों को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह निराधार बताया है. सीएमओ की ओर से जारी एक बयान ने सोशल मीडिया पर वायरल उस रिपोर्ट के दावों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार के संरक्षण में 18 जंगली हाथियों को असम से गुजरात के जामनगर के एक निजी चिड़ियाघर वंतारा में ट्रांसफर किया गया है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि यह चिड़ियाघर प्रसिद्ध उद्यमी मुकेश अंबानी का है.

रिपोर्ट झूठी और भ्रामक- सीएमओ

असम के सीएम ऑफिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने इस रिपोर्ट को निराधार और झूठ बताया है. असम के सीएम ऑफिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट की ओर से इस संबंध में जारी एक बयान में साफ शब्दों में कहा गया है कि हाथियों को गुजरात ट्रांसफर करने से संबंधित रिपोर्ट झूठी थीं. इस संबंध में महज अफवाह फैलाई गई है. सीएम ऑफिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिये कहा गया है, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि हाल के दिनों में असम से कोई भी हाथी कहीं नहीं ले जाया गया है. असम को ऐसी गतिविधियों से जोड़ने वाली कुछ खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह से अनुचित और झूठी हैं. पिछले दो दिनों में वाहनों में ले जाए जा रहे हाथी असम के नहीं हैं. असम से हाथी कहीं नहीं जा रहे हैं और सब असम के जंगलों में ही रहेंगे.’

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है तस्वीर

दरअसल, हाथियों को असम से गुजरात ट्रांसफर करने के संबंध में यह विवाद तक शुरू हुआ जब हाथियों को ट्रक से ले जाने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई. साथ ही रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि हाथियों को गुजरात के एक निजी चिड़ियाघर ‘वंतारा’ में ले जाया जा रहा है, जो उद्यमी मुकेश अंबानी का है. उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पिछले दो दिन में पड़ोसी राज्य असम से जानवरों की एम्बुलेंस का एक काफिला गुजरता हुआ दिखाई दे रहा है. पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से कुछ वाहनों में हाथियों को ले जाया जा रहा था, क्योंकि एक वाहन में जानवरों की एम्बुलेंस के हुड से हाथी की सूंड दिखाई दे रही थी. वाहनों पर गुजरात के रजिस्ट्रेशन नंबर की प्लेट भी लगी हुई थी.

बता दें, ‘वंतारा’ के संस्थापक मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी पशु प्रेमी हैं और पशु कल्याण व पशुओं के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं. उनके अभयारण्य में पशुओं की बेहतर देखरेख भी की जाती है. ‘वंतारा’ में अरुणाचल प्रदेश के हाथियों को संरक्षित वातावरण में बेहतर भविष्य भी प्रदान किया जा रहा है. ऐसे में असम के हाथियों को ‘वंतारा’ भेजने की बात स्वत: गलत साबित हो रही है. अब तो खुद असम के सीएम ने भी इस रिपोर्ट के दावों का खंडन कर दिया है. खास बात यह है कि भारत में नैतिक वन्यजीव संरक्षण के लिए आशा की किरण के रूप में खड़े ‘वंतारा’ को उसके प्रभावशाली काम के लिए अलग से पहचाना जाता है और यह पशु संरक्षण के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य के एक उदाहरण के रूप में स्थापित हो रहा है.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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