Noida Protest : आधी रात तक चली बातचीत, मजदूरों की मांगों में वेतन बढ़ोतरी और वीकली ऑफ शामिल
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Apr 2026 7:39 AM
नोएडा प्रदर्शन की तस्वीर (Photo : PTI)
Noida Protest : यूपी सरकार ने सोमवार (13 अप्रैल) को सीएम योगी के निर्देश पर एक कमेटी बनाई. इस कमेटी का काम है पूरे मामले को समझना, हालात संभालना और प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांगों की जांच करना है.
Noida Protest : गौतम बुद्ध नगर में जारी औद्योगिक तनाव (Industrial Unrest) के बीच मजदूरों की मुख्य मांगें साफ हो गई हैं. वे वेतन बढ़ोतरी, वीकली ऑफ और बेहतर कामकाजी हालात की मांग कर रहे हैं. इन मांगों को लेकर मजदूर प्रतिनिधियों (Representatives) और यूपी सरकार की बनाई हाई-लेवल कमेटी के बीच लगातार बातचीत चल रही है, ताकि जल्द कोई हल निकाला जा सके. ग्रेटर नोएडा में देर रात कमेटी ने मजदूर प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों के साथ बैठक की, जहां अलग-अलग फैक्ट्रियों के कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं खुलकर और विस्तार से रखीं.
मामले को लेकर सीएम योगी एक्टिव
सीएम योगी के निर्देश पर एक कमेटी बनाई गई है. सरकारी आदेश के मुताबिक, इस पैनल की अगुवाई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर कर रहे हैं. इसमें MSME के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और लेबर कमिश्नर सदस्य सचिव के तौर पर शामिल हैं. इसके अलावा मजदूर यूनियनों और इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों को भी इसमें जगह दी गई है, ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके.
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मांग क्या है?
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि अभी उन्हें 10 से 15 हजार रुपये महीने मिलते हैं, जो बढ़ती महंगाई के हिसाब से काफी कम है. इसलिए वे इसे बढ़ाकर 18 से 20 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, वे हफ्ते में एक पक्का छुट्टी का दिन और ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान सख्ती से लागू करने की भी मांग उठा रहे हैं.
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सेक्टर 63 की एक फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर ने कहा कि हम कई सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन तनख्वाह में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई. हमारी मांग सीधी है, हमें ऐसा वेतन चाहिए जो आज के खर्चों के हिसाब से ठीक हो. बैठक में शामिल एक और मजदूर ने कहा कि उनकी मांगें सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं हैं. उसने बताया कि हमने वीकली ऑफ, सही ओवरटाइम भुगतान और काम करने वाली जगह पर बेहतर व्यवहार की भी मांग की है. यह सिर्फ पैसे का मामला नहीं, बल्कि सम्मान से जुड़ा मुद्दा भी है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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