सरकार बोली- देश में पेट्रोल, डीजल, गैस भरपूर, लॉकडाउन जैसे हालात नहीं

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 Mar 2026 10:10 PM

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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा, फोटो- पीटीआई

Lockdown:सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है. ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है. देश में लॉकडाउन जैसे हालात नहीं हैं और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहेगी.

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Lockdown: सरकार ने शुक्रवार को बताया कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. कम से कम दो महीने तक का पर्याप्त भंडार है. मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई बाधाओं के बाद भी देश में लॉकडाउन लगाने की कोई संभावना नहीं है. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत के पास करीब 60 दिन का तेल भंडार मौजूद है. एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था की गई है. पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है.

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा- पेट्रोल और डीजल की नहीं की जा रही राशनिंग

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि सभी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त भंडार है और वे सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं. पेट्रोल या डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है. तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वैश्विक स्थिति भले ही लगातार बदल रही हो, लेकिन नागरिकों के लिए ईंधन, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण आपूर्तियों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा- हम उभरती चुनौतियों से निपटेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. पुरी ने कहा- भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. भारत सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.

लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं- सुजाता शर्मा

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मिडिल ईस्ट में युद्ध से पैदा हुए हालात पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि, लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है. इस पर विचार भी नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर पेट्रोल पंप और एलपीजी वितरकों पर घबराहट में खरीदारी एवं लंबी कतारें गलत सूचना और अफवाहों के कारण देखी गई हैं. उन्होंने कहा कि कोई संकट या कमी नहीं है. हमारे पास पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल (पेट्रोल व डीजल जैसे ईंधन बनाने का कच्चा माल) है.

उत्पादन शुल्क में 10 प्रतिशत की कटौती

वैश्विक तेल कीमतों में इजाफे से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है जबकि घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए डीजल के निर्यात (Export) पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क (Export Duty) लगाया गया है. शर्मा ने कहा कि अफवाहों के कारण हुई घबराहट में खरीदारी से बिक्री में अस्थायी बढ़ोतरी हुई लेकिन आपूर्ति पर्याप्त है एवं खुदरा केंद्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.

जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ अभियान तेज

सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. 3,000 से अधिक छापे मारे गए हैं और 1,500 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं. साथ ही राज्यों से निगरानी और जन-संचार बढ़ाने को कहा गया है. उन्होंने नागरिकों को घबराहट में खरीदारी से बचने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी. साथ ही पाइप से मुहैया कराई जाने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और बिजली आधारित खाना पकाने जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया.

होर्मुज बंद होने से दुनियाभर में ऊर्जा संकट

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 88 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस की जरूरतों का आधा और एलपीजी की मांग का 60 प्रतिशत आयात पर निर्भर करता है. कच्चे तेल का लगभग आधा, गैस का एक-तिहाई और एलपीजी का 85 से 90 प्रतिशत खाड़ी देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है. युद्ध के कारण यह रास्ता प्रभावी रूप से बंद हो गया है जिससे आयातकों को आपूर्ति के लिए नए स्रोत तलाशने पड़े हैं. (भाषा इनपुट के साथ)

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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