ePaper

पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद भी इतिहास में पढ़ाई जाती रही गुलामी के दौरान की साजिश

Updated at : 25 Nov 2022 5:51 PM (IST)
विज्ञापन
पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद भी इतिहास में पढ़ाई जाती रही गुलामी के दौरान की साजिश

लाचित बोड़फुकन का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हम व्यक्तिगत स्वार्थों को नहीं, देश हित को प्राथमिकता दें. उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हमारे लिए परिवारवाद, भाई-भतीजावाद नहीं बल्कि देश सबसे बड़ा होना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि हम कह सकते हैं कि कोई भी व्यक्ति, रिश्ता देश से बड़ा नहीं होता.

विज्ञापन

पीएम मोदी आज यानी शुक्रवार को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य के जनरल लाचित बोड़फुकन की 400 वीं जयंती पर साल भर आयोजित कार्यक्रमों के समापन समारोह को संबोधित किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत का इतिहास वीरता का इतिहास रहा है. लेकिन, दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी वह इतिहास पढ़ाया जाता रहा जो गुलामी के काल में खंड में साजिश के तहत रचा गया था. पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद जरूरत थी कि भारत को गुलाम बनाने वाले विदेशियों के एजेंडे को बदला जाता लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

देश हित को प्राथमिकता की प्रेरणा: कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वीर लाचित बोड़फुकन का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हम व्यक्तिगत स्वार्थों को नहीं, देश हित को प्राथमिकता दें. उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हमारे लिए परिवारवाद, भाई-भतीजावाद नहीं बल्कि देश सबसे बड़ा होना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि हम कह सकते हैं कि कोई भी व्यक्ति, रिश्ता देश से बड़ा नहीं होता. उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का इतिहास नहीं है. भारत का इतिहास जय का है. भारत का इतिहास जंग का है, त्याग, तप का है.

देश की माटी से कई वीर विभूति ने लिया जन्म-पीएम मोदी: पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई मुश्किल दौर, चुनौती खड़ी हुई तो उसका मुकाबला करने के लिए कोई न कोई विभूति अवतरित हुई. हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए संत और मनीषी आए. भारत को तलवार की जोर से कुचलने का मंसूबा पाले आक्रमणकारियों का मां भारती की कोख से जन्मे वीरों ने सामना किया. पीएम मोदी ने कहा कि लाचित बारफूकन भी ऐसे वीर थे. उन्होंने दिखाया कि कट्टरता और आतंक के हर आग का अंत हो जाता है, लेकिन भारत की जीवन ज्योती अमर बनी रहती है.

गौरतलब है कि पीएम मोदी विज्ञान भवन में पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य के जनरल लचित बोड़फूकन की 400 वीं जयंती पर साल भर आयोजित कार्यक्रमों के समापन समारोह के मौके पर यह सब बातें कही. इससे पहले, पीएम मोदी ने बोड़फुकन की 400 वीं जयंती के उपलक्ष्य में लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. पीएम मोदी के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, राज्यपाल जगदीश मुखी और केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत कई और गणमान्य लोग शामिल थे.
भाषा इनपुट के साथ 

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola