खतरे में नितिन पटेल की कुर्सी, गुजरात में भूपेंद्र पटेल ने मंत्रिमंडल का विस्तार टाला

Gujarat Ministers Oath Taking|Bhupendra Patel|बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार को टाल दिया गया. अब गुरुवार को 1:30 बजे भूपेंद्र पटेल अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और नये मंत्रियों को शपथ दिलायी जायेगी.
गांधीनगरः गुजरात में विजय रूपाणी को हटाकर भूपेंद्र पटेल को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किये जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रदेश इकाई में घमासान मच गया है. भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल में जिन लोगों को जगह नहीं मिली, वे बेहद नाराज हैं.
नाराज विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की. इस बीच, बुधवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को टाल दिया गया. बताया जा रहा है कि अब गुरुवार को 1:30 बजे भूपेंद्र पटेल अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और नये मंत्रियों को शपथ दिलायी जायेगी.
दरअसल, भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट में गुजरात के डिप्टी चीफ मिनिस्टर रहे नितिन पटेल को जगह नहीं मिलती दिख रही है. तर्क दिया जा रहा है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एक ही समुदाय से हों, तो इसका गलत संदेश जा सकता है. इसलिए नितिन पटेल की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है.
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पार्टी के सीनियर लीडर नितिन पटेल इससे बेहद नाराज हैं. बताया जा रहा है कि भूपेंद्र सिंह चूडास्मा, आरसी फल्दू और कौशिक पटेल जैसे दिग्गज नेताओं का राजनीतिक भविष्य भी खतरे में पड़ गया है.
सूत्रों की मानें, तो भूपेंद्र सिंह पटेल पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की कैबिनेट के 2-3 मंत्रियों को छोड़कर बाकी सभी मंत्रियों को बदलने के मूड में हैं. पार्टी के सीनियर नेता और कैबिनेट में जो लोग अब तक मंत्री थे, उन्हें भूपेंद्र पटेल का यह फैसला पसंद नहीं आया. कुछ मंत्रियों ने सीधे तौर पर अपनी नाराजगी जतायी.
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईश्वर पटेल, बचु खाबड़, योगेश पटेल, ईश्वर परमार और वासण अहीर जैसे कुछ विधायक विजय रूपाणी के घर पहुंचे और अपनी नाराजगी जाहिर की. हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि इन विधायकों की विजय रूपाणी के साथ क्या बातचीत हुई.
माना जा रहा है कि विधायकों ने पार्टी को कड़ा संदेश देने की कोशिश की. बहरहाल, चर्चा थी कि भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट में 21-22 मंत्रियों को शपथ लेना था. लेकिन, भूपेंद्र पटेल ने जो कैबिनेट तय की थी, उस पर विवाद हो गया. फलस्वरूप मंत्रिमंडल का विस्तार टालना पड़ा.
सूत्र बता रहे हैं कि भूपेंद्र पटेल चाहते थे कि मंत्रिमंडल में नये चेहरों को प्राथमिकता दी जाये. महिलाओं की संख्या भी बढ़ाने के पक्ष में भूपेंद्र पटेल हैं. जातीय समीकरण को ध्यान में रखने के साथ-साथ वह चाहते थे कि मंत्रिमंडल में साफ-सुथरी छवि के नेताओं को जगह मिले.
अगर भूपेंद्र पटेल अपनी योजना पर अमल करते हैं, तो कई दिग्गज नेताओं की मंत्रिमंडल से छुट्टी होनी तय है. इसलिए पार्टी में घमासान मचा है. बात गुजरात के पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव तक पहुंच गयी है. हो सकता है केंद्रीय नेताओं के हस्तक्षेप के बाद बीच का रास्ता निकाला जाये.
Posted By: Mithilesh Jha
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