निर्भया केस: ...और पवन जल्लाद ने दोषियों के डमी को लटका दिया फांसी पर

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Mar 2020 8:42 AM

विज्ञापन

nirbhaya gange rape case : बुधवार सुबह पवन जल्लाद ने चारों दोषियों के डमी को फांसी पर लटका दिया.

विज्ञापन

pawan jallad did dummy trial in tihar jail : निर्भया गैंगरेप और हत्या के चारो दोषी बचने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. वे याचिका पर याचिका कोर्ट में दाखिल कर रहे हैं और फांसी टालने में लगे हुए हैं. इसी बीच बुधवार की सुबह पवन जल्लाद ने तिहाड़ जेल में फांसी का अभ्‍यास किया. सूत्रों की मानें तो, पवन जल्लाद ने जेल प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में दोषियों के डमी को फांसी पर लटकाने का अभ्‍यास किया. गौर हो कि निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी दी जानी है.

दो दिन पहले पहुंचा था पवन जल्लाद

तिहाड़ जेल ने दो दिन पहले ही पवन जल्लाद को बुला लिया था. आपको बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे निर्भया के दोषियों का डेथ वॉरंट जारी किया है. निर्भया गैंगरेप केस के दोषी अक्षय, मुकेश, पवन और विनय के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो जानें के बाद नया डेथ वारंट जारी किया गया है. राष्ट्रपति कोविंद सभी दोषियों की दया याचिका खारिज कर चुके हैं.

नाबालिग होने को लेकर एक याचिका

इससे पहले, मंगलवार को दिल्ली की एक कोर्ट में अपने नाबालिग होने को लेकर एक याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. उधर इन दोषियों ने अब ICJ का दरवाजा खटखटा दिया है. हालांकि वहां इस मामले की सुनवाई होगी इसकी संभावना कम है.

पवन ने क्यूरेटिव तो अक्षय ने दया याचिका दी

फांसी से बचने के लिए निर्भया के दो दोषियों (पवन और अक्षय) ने एक बार फिर से कानूनी दांव-पेंच का सहारा लिया है. पवन ने सुप्रीम कोर्ट में फिर से क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है. वहीं, अक्षय ने एक बार फिर जेल प्रशासन को दया याचिका दी है, जिसे राष्ट्रपति के पास भेजने की गुजारिश की गयी है. इसे गृह मंत्रालय के पास दिल्ली सरकार द्वारा भेजा जायेगा. इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट में पवन की क्यूरेटिव याचिका खारिज हो चुकी है.

मुकेश की फांसी रद्द करने की मांग वाली अर्जी खारिज

दिल्ली की एक अदालत ने दोषी मुकेश सिंह की मौत की सजा को रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने माना कि अपराध के वक्त मुकेश वहीं मौजूद था. एडीजे के समक्ष दायर इस याचिका में दावा किया गया था कि मुकेश को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था और उसे 17 दिसंबर, 2012 को दिल्ली लाया गया था. साथ ही इसमें कहा गया था कि मुकेश 16 दिसंबर को शहर में मौजूद नहीं था, जब यह अपराध हुआ था.

मानवाधिकार आयोग पहुंचा मुकेश, बोला- हत्या का गवाह

दोषी मुकेश ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में एक याचिका दाखिल कर फांसी की सजा टालने की मांग की है. मुकेश ने कहा है कि जेल में राम सिंह की मौत का गवाह है और उसकी हत्या की गयी थी. इस मामले की जांच सही तरीके से नहीं हुई है, इसलिए पहले इसकी जांच तो, उसके बाद उसे सजा दी जाये. राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगा कर आत्म हत्या की थी.

तीन बार टल चुकी है फांसी

निर्भया के दोषियों के लिए चौथी बार डेथ वारंट जारी किया गया है. इससे पहले दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन बार डेथ वारंट जारी किया था. पहली बार 22 जनवरी को, दूसरी बार 1 फरवरी और तीसरी बार 3 मार्च को. लेकिन तीनों बार निर्भया के दोषियों ने कानूनी हथकंडा अपनाकर फांसी को टालने में सफल रहे. गौरतलब है कि इससे पहले भी पवन जल्लाद को जनवरी माह में तिहाड़ जेल बुलाया गया था और उसने वहां फांसी देने का अभ्यास भी किया था, लेकिन उस वक्त फांसी टल गयी थी.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola