Nirbhaya case : दोषी ने फिर चली चाल, इस बहाने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Mar 2020 10:09 AM

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nirbhaya case convict moves supreme court: निर्भया मामले के दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में ताजा सुधारात्मक याचिका दायर की है.

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nirbhaya case: निर्भया गैंगरेप एवं हत्या मामले के दोषियों में से एक पवन गुप्ता ने आखिरी प्रयास के तहत सुप्रीम कोर्ट में एक सुधारात्मक याचिका दायर की है. पवन गुप्ता ने यह सुधारात्मक याचिका उस पुनर्विचार याचिका को खारिज किये जाने के खिलाफ दायर की है जिसमें उसके किशोर होने का दावा खारिज किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन गुप्ता की उस समीक्षा याचिका को 31 जनवरी को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने अदालत के उस फैसले की समीक्षा करने की अपील की थी जिसमें उसके नाबालिग होने के दावे को 20 जनवरी को खारिज कर दिया गया था. पुनर्विचार याचिका न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना ने चैंबर में सुनवायी करके खारिज कर दी थी. पवन के अधिवक्ता ए पी सिंह ने मंगलवार को सुधारात्मक याचिका दायर किये जाने की पुष्टि की.

निर्भया मामले के दोषी अक्षय ने दूसरी दया याचिका दायर की

इधर , मामले के दोषी अक्षय कुमार ने 20 मार्च को तय फांसी से महज तीन दिन पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दूसरी दया याचिका दायर की है. तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने कहा कि कुमार ने मंगलवार की शाम को राष्ट्रपति को संबोधित याचिका दायर की. फांसी तिहाड़ जेल में ही दी जानी है. उन्होंने कहा कि इस याचिका को भी दिल्ली सरकार के मार्फत गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा.

पवन जल्लाद ने डमी को दिया फांसी

पवन जल्लाद ने निर्भया बलात्कार एवं हत्याकांड के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की निर्धारित तारीख से तीन दिन पहले मंगलवार को तिहाड़ जेल प्रशासन को रिपोर्ट की. बुधवार सुबह उसने दोषियों के डमी को फांसी पर लटकाकर अभ्‍यास किया. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पवन मंगलवार को तिहाड़ जेल पहुंचा.

20 मार्च, सुबह साढ़े पांच बजे…

पांच मार्च को यहां एक निचली अदालत ने निर्भया बलात्कार एवं हत्याकांड के दोषियों– मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फांसी पर चढ़ाने की नयी तारीख 20 मार्च, सुबह साढ़े पांच तय की. जेल प्रशासन ने फांसी पर चढ़ाने की नयी तारीख जारी होने के बाद दोषियों के परिवारों को पत्र लिखा है. उनकी मौत की सजा पर तामील तीन बार टली है.

परिवार से मुलाकात

मुकेश, पवन और विनय की अपने अपने परिवारों के साथ अंतिम बार मुलाकात हुई. अक्षय का उसके परिवार के साथ मुलाकात नहीं हुई है. यह मुलाकात इसलिए करायी जाती है कि ताकि दोषी अपने परिवार के साथ बातचीत कर सके और गले लग सके.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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