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Nirbhaya case : दोषी ने फिर चली चाल, इस बहाने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

By amitabh kumar
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nirbhaya case: निर्भया गैंगरेप एवं हत्या मामले के दोषियों में से एक पवन गुप्ता ने आखिरी प्रयास के तहत सुप्रीम कोर्ट में एक सुधारात्मक याचिका दायर की है. पवन गुप्ता ने यह सुधारात्मक याचिका उस पुनर्विचार याचिका को खारिज किये जाने के खिलाफ दायर की है जिसमें उसके किशोर होने का दावा खारिज किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन गुप्ता की उस समीक्षा याचिका को 31 जनवरी को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने अदालत के उस फैसले की समीक्षा करने की अपील की थी जिसमें उसके नाबालिग होने के दावे को 20 जनवरी को खारिज कर दिया गया था. पुनर्विचार याचिका न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना ने चैंबर में सुनवायी करके खारिज कर दी थी. पवन के अधिवक्ता ए पी सिंह ने मंगलवार को सुधारात्मक याचिका दायर किये जाने की पुष्टि की.

निर्भया मामले के दोषी अक्षय ने दूसरी दया याचिका दायर की

इधर , मामले के दोषी अक्षय कुमार ने 20 मार्च को तय फांसी से महज तीन दिन पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दूसरी दया याचिका दायर की है. तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने कहा कि कुमार ने मंगलवार की शाम को राष्ट्रपति को संबोधित याचिका दायर की. फांसी तिहाड़ जेल में ही दी जानी है. उन्होंने कहा कि इस याचिका को भी दिल्ली सरकार के मार्फत गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा.

पवन जल्लाद ने डमी को दिया फांसी

पवन जल्लाद ने निर्भया बलात्कार एवं हत्याकांड के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की निर्धारित तारीख से तीन दिन पहले मंगलवार को तिहाड़ जेल प्रशासन को रिपोर्ट की. बुधवार सुबह उसने दोषियों के डमी को फांसी पर लटकाकर अभ्‍यास किया. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पवन मंगलवार को तिहाड़ जेल पहुंचा.

20 मार्च, सुबह साढ़े पांच बजे...

पांच मार्च को यहां एक निचली अदालत ने निर्भया बलात्कार एवं हत्याकांड के दोषियों-- मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फांसी पर चढ़ाने की नयी तारीख 20 मार्च, सुबह साढ़े पांच तय की. जेल प्रशासन ने फांसी पर चढ़ाने की नयी तारीख जारी होने के बाद दोषियों के परिवारों को पत्र लिखा है. उनकी मौत की सजा पर तामील तीन बार टली है.

परिवार से मुलाकात

मुकेश, पवन और विनय की अपने अपने परिवारों के साथ अंतिम बार मुलाकात हुई. अक्षय का उसके परिवार के साथ मुलाकात नहीं हुई है. यह मुलाकात इसलिए करायी जाती है कि ताकि दोषी अपने परिवार के साथ बातचीत कर सके और गले लग सके.

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