निरंजनी अखाड़े ने महाकुंभ से हटने का किया फैसला, निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर की कोरोना से मौत के बाद संतों में दहशत

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 16 Apr 2021 8:41 AM

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निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल को मेष संक्राति के साथ संपन्न हो गया. हमारे अखाड़ा में कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में हमारे लिए कुंभ मेला संपन्न हो गया. उन्होंने कहा कि निरंजनी अखाड़े के साधु संतों की छावनियां 17 अप्रैल को खाली कर दी जाएंगी. बाकी अखाड़ों को भी एहतियातन कदम उठाते हुए कोरोना से बचाव को लेकर ध्यान देना चाहिए.

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देहरादून/हरिद्वार : हरिद्वार के महाकुंभ में शामिल होने गए महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देव की देहरादून के अस्पताल में कोरोना से हुई मौत के बाद संत-महंतों में दहशत का माहौल बना है. महामंडलेश्वर कपिल देव मध्य प्रदेश के चित्रकूट से महाकुंभ में शाही स्नान करने के लिए हरिद्वार आए थे. इस बीच, खबर यह भी है कि हरिद्वार कुंभ में शामिल संतों के 13 अखाड़ों में से एक निरंजनी अखाड़े ने कोरोना के बढ़ते मामलों और राज्य में खराब होती स्थिति के मद्देनजर कुंभ मेला से हटने का फैसला किया.

निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल को मेष संक्राति के साथ संपन्न हो गया. हमारे अखाड़ा में कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में हमारे लिए कुंभ मेला संपन्न हो गया. उन्होंने कहा कि निरंजनी अखाड़े के साधु संतों की छावनियां 17 अप्रैल को खाली कर दी जाएंगी. बाकी अखाड़ों को भी एहतियातन कदम उठाते हुए कोरोना से बचाव को लेकर ध्यान देना चाहिए.

महंत पुरी ने कहा कि बाकी अखाड़ों को भी ऐसे वक्त में कोरोना से बचाव को देखते हुए सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है. कोरोना से बचाव पहली प्राथमिकता है. महाकुंभ में अभी तक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी समेत करीब 12 संत कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. कई श्रद्धालु भी इसकी चपेट में आ चुके हैं. अन्य अखाड़ों के संत भी संक्रमण की चपेट में हैं.

मेला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार को मेला में आने वाले करीब 14,915 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया, जिसमें करीब 332 लोग संक्रमित पाए गए. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मेला प्रशासन के पास यह रिकॉर्ड ही नहीं है कि इस धार्मिक मेले में आने वाले कितने लोगों की कोरोना से मौत हुई है. अखबार के अनुसार, मेला में आने वाले 13,415 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया था, जिसमें 119 लोग संक्रमित पाए गए थे. इसके अलावा, 12 अप्रैल को 79,301 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया था, जिसमें 745 लोग पॉजिटिव पाए गए थे.

स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ त्रिपति बहुगुणा ने कहा कि महामंडलेश्वर कपिल देव निजी अस्पताल में भर्ती थे. अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी थी कि महामंडलेश्वर 12 अप्रैल को उस अस्पताल में भर्ती कराए गए थे और उनकी 13 अप्रैल को मौत हो गई. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण होने के पहले उन्हें किडनी से संबंधित बीमारी भी थी. वे डायलिसिस ले रहे थे.

हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एसके झा ने बताया कि हरिद्वार के कनखल में अस्थायी घरों में करीब 10 हजार से अधिक संत और श्रद्धालु रह रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की एक टीम उस इलाके का शुक्रवार को दौरा कर उसके सैनिटाइज करेगी और वहां रहने वाले संतों और श्रद्धालुओं से सैंपल एकत्र करेगी.

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Posted by : Vishwat Sen

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