महाशिवरात्रि 2021 : कुंभनगरी हरिद्वार में किन्नर अखाड़े ने पहली बार जूना अखाड़े के साथ किया शाही स्नान, आज निकलेगा पेशवाई जुलूस
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 11 Mar 2021 12:56 PM
Mahashivratri 2021, Haridwar Mahakumbh 2021 : हरिद्वार के कुंभ मेले में पहली बार किन्नर अखाड़ा भी शामिल हुआ है. इसमें देश भर से बड़ी संख्या में किन्नर साधु संत आए हुए हैं. यह सभी किन्नर साधु संत किन्नर अखाड़ा से जुड़े हुए हैं. ये सभी किन्नर संत धर्म के प्रचार के लिए प्रतिबद्धता की बात कर रहे हैं. किन्नर वर्ग के उत्थान और समाज में पर्याप्त सम्मान दिलाने के उद्देश्य से किन्नर अखाड़ा के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने साल 2013 में अखाड़े का गठन किया था. किन्नर अखाड़ा सबसे पहले उज्जैन फिर प्रयागराज और अब तीसरी बार हरिद्वार के कुंभ मेले में शामिल हुआ है.
Mahashivratri 2021/Haridwar Mahakumbh 2021 : फागुन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महाकुंभ में महाशिवरात्रि के मौके पर कुंभनगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी में किन्नर अखाड़े ने शाही स्नान किया. यह पहला ऐसा मौका है, जब किन्नर अखाड़े ने जूना अखाड़े के साथ महाकुंभ में जूना अखाड़े के साथ हरिद्वार में शाही स्नान किया है. इसके साथ ही, गुरुवार को जूना और अग्नि अखाड़े के साथ किन्नर अखाड़ा उनकी पेशवाई में भी शामिल होगा. इसके पहले वर्ष 2019 में प्रयागराज के कुंभ में भी किन्नर अखाड़े ने स्नान किया था. प्रयागराज के कुंभ में किन्नर अखाड़े ने जबरदस्त तरीके से अपना प्रभाव छोड़ा था.
2013 में लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने किन्नर अखाड़े का किया था गठन
बता दें कि हरिद्वार के कुंभ मेले में पहली बार किन्नर अखाड़ा भी शामिल हुआ है. इसमें देश भर से बड़ी संख्या में किन्नर साधु संत आए हुए हैं. यह सभी किन्नर साधु संत किन्नर अखाड़ा से जुड़े हुए हैं. ये सभी किन्नर संत धर्म के प्रचार के लिए प्रतिबद्धता की बात कर रहे हैं. किन्नर वर्ग के उत्थान और समाज में पर्याप्त सम्मान दिलाने के उद्देश्य से किन्नर अखाड़ा के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने साल 2013 में अखाड़े का गठन किया था. किन्नर अखाड़ा सबसे पहले उज्जैन फिर प्रयागराज और अब तीसरी बार हरिद्वार के कुंभ मेले में शामिल हुआ है.
5 मार्च को जूना अखाड़े की पेशवाई में शामिल हुआ था किन्नर अखाड़ा
बीते 5 मार्च को किन्नर अखाड़ा नागा संन्यासियों के सबसे बड़े अखाड़े जूना अखाड़े के साथ पेशवाई में शामिल हुआ. इस पेशवाई को देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी थी. पेशवाई में किन्नर अखाड़ा के साधु संत ही आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे. किन्नर अखाड़े की खास बात यह है कि इसमें ना सिर्फ हिंदू बल्कि मुसलमान रहे साधु संतों का भी महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया जा रहा है.
प्रयागराज के महाकुंभ में किन्नर अखाड़े को घोषित किया गया 14वां अखाड़ा
हरिद्वार के महाकुंभ के पहले वर्ष 2019 में प्रयागराज के गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर हुआ महाकुंभ में भी किन्नर अखाड़ा एक नए अध्याय का साक्षी बना. यहां पहली बार किन्नर अखाड़े ने पेशवाई जुलूस निकाला था. पेशवाई जुलूस निकाल कर किन्नर अखाड़े ने इतिहास रच दिया था. कुंभ में ऐसा पहली बार हुआ था, जब 13 की जगह 14 अखाड़ों को पेशवाई का अधिकार मिला. 14वें अखाड़े के रूप में किन्नर अखाड़े को शामिल किया गया था.
जूना और अग्नि अखाड़े की पेशवाई में शामिल होगा किन्नर अखाड़ा
धर्मनगरी हरिद्वार में भी किन्नर अखाड़े की पेशवाई निकाली गई. आज गुरुवार को जूना और अग्नि अखाड़ा की सामूहिक पेशवाई निकाली जाएगी. इनकी पेशवाई में किन्नर अखाड़ा भी साथ चलेगा. इससे पहले उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ में भी किन्नर अखाड़े ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी.
Posted by : Vishwat Sen
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