New Parliament Inauguration: पूजा और हवन से गूंजा संसद का नया भवन, श्रमिक हुए सम्मानित

Published by : Pritish Sahay Updated At : 28 May 2023 8:56 AM

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New Parliament Building Inauguration: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए संसद भवन के भव्य उद्घाटन का आज पूरा देश गवाह बना. समारोह की शुरुआत पीएम मोदी ने पूजा-अर्चना के साथ की. सर्वधर्म प्रार्थना का भी आयोजिन किया गया. इसके बाद पीएम मोदी ने ऐतिहासिक सेंगोल को स्थापित किया.

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New Parliament Building Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूरे देश को बड़ी सौगात दी है. पीएम मोदी ने आज यानी रविवार को दिल्ली में नए संसद भवन का उद्घाटन किया. समारोह की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ की गई. इसके बाद पीएम मोदी ने ऐतिहासिक सेंगल को स्थापित किया. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार किया. बता दें, पीएम मोदी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए संसद भवन को आज देश को समर्पित कर रहे हैं.

संसद भवन में स्थापित किया सेंगोलः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार्मिक अनुष्ठान और पूजा के बाद नये संसद भवन में सेंगोल स्थापित कर दिया है. संसद भवन में सेंगोल की स्थापना के बाद पीएम मोदी ने तमिलनाडु के विभिन्न अधीनम संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया. इसके अलावा पीएम मोदी ने संसद भवन के निर्माण में शामिल श्रमजीवियों का भी अभिनंदन किया. बता दें, 18 मठों के मठाधीशों ने पीएम मोदी को आशीर्वाद देते हुए राजदंड सौंपा. राजदंड सदियों से शासन का प्रतीक रहा है इसका अर्थ है कि आप किसी के साथ अन्याय नहीं कर सकते हैं.

नये संसद भवन की खासियत

64,500 वर्ग मीटर फैला है नया संसद भवनः अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए संसद भवन के भव्य उद्घाटन का आज पूरा देश गवाह बना है. त्रिभुजाकार आकार वाले इस चार मंजिला संसद भवन का क्षेत्र 64500 वर्ग मीटर है. इस भवन के तीन मुख्य द्वार हैं जिनके नाम क्रमशः ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार रखा गया है. इसमें वीआईपी, सांसदों और आगंतुकों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं.

देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई है निर्माण सामग्रीः नये संसद भवन की शानदार इमारत का निर्माण भी बेहद खास तरीके से हुआ है. इमारत निर्माण में उपयोग में लाई गई सामग्री देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई है. बात करें इमारत में लगी लकड़ी की तो इसे महाराष्ट्र के नागपुर से मंगाया गया है. वहीं, लाल और सफेद बलुआ पत्थर राजस्थान के सरमथुरा से लाया गया है. वहीं, हरा पत्थर उदयपुर से और लाल ग्रेनाइट और सफेद संगमरमर अंबाजी राजस्थान से मंगवाया गया है.

लोकसभा और राज्यसभा कक्षों में फाल्स सीलिंग के लिए स्टील की संरचना केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव से मंगवाई गई है. जबकि नये भवन के लिए फर्नीचर मुंबई में तैयार हुआ है. इमारत पर लगी पत्थर की जाली राजस्थान के राजनगर और उत्तर प्रदेश के नोएडा से मंगवाई गई है. अशोक चिह्न के लिए सामग्री महाराष्ट्र के औरंगाबाद और राजस्थान के जयपुर से लाई गई है. जबकि संसद भवन के बाहरी हिस्सों में लगी सामग्री को मध्य प्रदेश के इंदौर से मंगाया गया था.  

नये संसद भवन की नक्काशी संसद भवन में लगे पत्थरों की नक्काशी आबू रोड और उदयपुर के मूर्तिकारों ने की है. वहीं, पत्थरों को कोटपूतली, राजस्थान से लाया गया है. नये संसद भवन में निर्माण गतिविधियों के लिए ठोस मिश्रण बनाने के लिए हरियाणा के चरखी दादरी में निर्मित रेत या एम-रेत का इस्तेमाल किया गया है. बता दें, एम रेत एक तरह की कृत्रिम रेत है, जिसे बड़े सख्त पत्थरों या ग्रेनाइट को बारीक कणों में तोड़कर बनाया जाता है. बता दें, नये संसद भवन में दोनों सदनों क्रमशः लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में 1280 सदस्य एक साथ शामिल हो सकेंगे.

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आज जारी होगा 75 रुपये का खास सिक्काः नये संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर एक 75 रुपये का खास स्मारक सिक्का भी जारी किया जाएगा. इस खास सिक्के का वजन 35 ग्राम है और यह चार धातुओं से मिलकर बना है. सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ का शेर अंकित है, जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा है. इसके बाईं ओर देवनागरी में भारत और दाईं ओर अंग्रेजी में इंडिया लिखा होने के साथ ही रुपये का प्रतीक चिन्ह भी अंकित है. वहीं, सिक्के के दूसरी तरफ नए संसद भवन की तस्वीर अंकित है. इसके ऊपर देवनागरी में संसद संकुल और नीचे अंग्रेजी में पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स लिखा है. नीचे 2023 भी लिखा हुआ है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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