नक्सल मुक्त घोषित होने के 12 दिन बाद मुठभेड़, महिला नक्सली ढेर

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 13 Apr 2026 11:38 AM

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सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ (File Photo)

Naxal Encounter : छत्तीसगढ़ के कांकेर में मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई. नक्सली मुक्त घोषित किए जाने के 12 दिन बाद यह मुठभेड़ हुई. बस्तर क्षेत्र के आईजी ने बचे माओवादियों से हिंसा के रास्ता छोड़ सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करने की अपील की.

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Naxal Encounter : कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई. यह घटना सरकार द्वारा राज्य को माओवादी मुक्त घोषित करने के 12 दिन बाद हुई. एसपी निखिल राखेचा के मुताबिक, छोटेबेठिया-परतापुर इलाके के जंगलों में नक्सलियों की सूचना पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान यह मुठभेड़ हुई.

महिला नक्सली के शव की हुई पहचान

निखिल राखेचा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान माचपल्ली इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसके बाद मौके से एक महिला नक्सली का शव मिला, जिसकी पहचान एरिया कमेटी सदस्य रूपी के रूप में हुई. उन्होंने बताया कि रूपी, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जिसकी 2025 में एक मुठभेड़ में मौत हो गई थी.

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राखेचा ने बताया कि मुठभेड़ में मारी गई रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी. घटनास्थल से शव के अलावा एक पिस्तौल, गोला-बारूद तथा अन्य सामान बरामद किया गया है. आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा सर्च अभियान जारी है.

बड़ी संख्या में माओवादियों ने पुनर्वास का रास्ता चुना

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (Inspector General of Police) सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि सरकार माओवादियों से लगातार आत्मसमर्पण करने की अपील कर रही है. उन्हें पुनर्वास का अवसर दिया जा रहा है. इसके प्रभाव से ही पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में माओवादियों ने पुनर्वास का रास्ता चुना, लेकिन रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के रास्ते को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया. इसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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