National Youth Day: भारत के पांच युवा नेता, जो अपनी ओजस्वी छवि और कौशल से कम समय में ही बन गये स्टार

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Jan 2023 8:46 AM

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राजनीति की बात करें, तो कई ऐसे दिग्गज युवा नेता और नेत्री हैं, जिसने अपने काम और नेतृत्व कौशाल व बोलने के अंदाज से लोगों को काफी प्रभावित किया है. भारतीय राजनीति में अनुराग सिंह ठाकुर को सबसे तेज तर्रार युवा नेता के रूप में जाना जाता है. सचिन पायलट को भी दिग्गज युवा नेता के रूप में पहचाना जाता है.

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स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को पूरा राष्ट्र युवा दिवस के रूप में मनाता है. स्वामी विवेकानंद अपने ओजपूर्ण और बेबाक भाषणों के कारण दुनिया भर में काफी लोकप्रिय हुए. स्वामी जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को बंगाल में हुआ था. उनके जैसा आजतक न कोई हो पाया और न कोई दूसरा जन्म लेगा. हालांकि देश में आज राजनीति की बात करें, तो कई ऐसे दिग्गज युवा नेता और नेत्री हैं, जिसने अपने काम और नेतृत्व कौशाल व बोलने के अंदाज से लोगों को काफी प्रभावित किया है. हम युवा दिवस के मौके पर ऐसे ही देश के दिग्गज और ओजस्वी युवा राजनेताओं के बारे में बताने वाले हैं.

1. अनुराग ठाकुर – भारतीय राजनीति में अनुराग सिंह ठाकुर को सबसे तेज तर्रार युवा नेता के रूप में जाना जाता है. ठाकुर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, जो 2009 के उपचुनाव, 2014 और 2015 के आम चुनावों में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. हालांकि अनुराग ठाकुर को राजनीति विरासत में मिली है. उनके पिता प्रेम कुमार धूमल हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं. अनुराग ठाकुर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में खेल, युवा मामलों के मंत्री और सूचना और प्रसारण मंत्री हैं. इससे पहले, ठाकुर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं. अनुराग ठाकुर ने नवंबर 2000 में जम्मू और कश्मीर के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच खेला था. उन्होंने हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक मैच खेला है और 2000 और 2001 सीजन में जम्मू और कश्मीर के खिलाफ एक मैच में कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व किया है. यही नहीं अनुराग ठाकुर बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

2. सचिन पायलट – सचिन पायलट को भी दिग्गज युवा नेता के रूप में पहचाना जाता है. पायलट हाल के दिनों में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ विवाद के कारण काफी सुर्खियों में रहे हैं. राजस्थान में पायलट पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रहे हैं. कांग्रेस के स्टार नेताओं में शामिल पायलट यूपीए सरकार में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रहे हैं. वर्तमान में वे राजस्थान के टोंक विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.

3. ज्योतिरादित्य सिंधिया – भारतीय राजनीति में ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया को भला कौन नहीं जानता. ओजस्वी भाषण देने के लिए ज्योतिरादित्य जाने जाते हैं. नरेंद्र मोदी सरकार में ज्योतिरादित्य केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैं. ये मध्य प्रदेश के गुना संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया मनमोहन सिंह के सरकार में भी केन्द्रीय मंत्री रहे. ज्योतिरादित्य को भी राजनीति विरासत में मिली है. उनके पिता स्व श्री माधवराव सिंधिया भी दिग्गज राजनेता थे. ज्योतिरादित्य 10 मार्च 2020 को अंतरिम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से बाहर हो गये और 11 मार्च 2020 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये.

4. आदित्य ठाकरे – आदित्य ठाकरे के बहुत थोड़े समय में ही राजनीति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना ली है. उद्धव ठाकरे के पुत्र के रूप में ठाकरे ने राजनीति की शुरुआत की, लेकिन बहुत जल्द ही अपनी अलग क्षवि बना ली. महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में आदित्य ठाकरे पर्यटन और पर्यावरण मंत्री रह चुके हैं. राजनीति के अलावा उन्हें कविता और गीत लेखन में रूची रही है. जब एकनाथ शिंद ने कुछ विधायकों के साथ उद्घव ठाकरे सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था और महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गयी थी, तब आदित्य ठाकरे ने सामने आकर बीजेपी और शिंदे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.

5. चिराग पासवान – लोक जनशक्ति पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान स्टार युवा नेता के रूप में अपनी क्षवि बना चुके हैं. वह जमुई बिहार से वर्तमान सांसद हैं. इंजीनियर की पढाई कर चुके, चिराग की पहचान एक युवा राजनेता के साथ-साथ एक अच्छे कलाकार के रूप में है. बॉलीवुड भी वो अपनी पहुंच बना चुके हैं. अभिनेता होने के नाते, चिराग एक प्रभावशाली वक्ता भी हैं.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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