Nashik Kumbh Mela : नासिक में कुंभ मेले के लिए क्या होगी पेड़ों की कटाई? लोग करने लगे विरोध
कुंभ मेला नासिक (Photo: AI)
Nashik Kumbh Mela : नासिक में कुंभ मेले की तैयारियों के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध किया जा रहा है. अभिनेता सयाजी शिंदे ने कहा कि एक भी पेड़ को काटने नहीं दिया जाएगा.
Nashik Kumbh Mela : अभिनेता सयाजी शिंदे ने नासिक में 2026-27 कुंभ मेले से पहले साधु ग्राम बनाने के लिए करीब 1,700 पेड़ काटने की योजना का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि एक भी पेड़ कटने नहीं दिया जाएगा. अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से जुड़े शिंदे ने मंत्री गिरीश महाजन के मुआवज़े में नए पेड़ लगाने के वादे को भी खारिज कर दिया और सवाल उठाया कि क्या यह सुनिश्चित करने का कोई तरीका है कि वास्तव में इतने पेड़ लगाए भी जाएंगे.
कुंभ मेले से पहले साधु-महात्माओं के लिए 1,200 एकड़ में साधु ग्राम बनाने की योजना तैयार की जा रही है. मेले की शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 से होगी। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने करीब 1,670 पेड़ हटाने के विरोध में 400 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराई हैं. उनका कहना है कि इनमें से कुछ पेड़ 100 साल पुराने हैं. पेड़ बचाने के लिए जाने जाने वाले सयाजी शिंदे ने कहा कि इस स्थिति से उन्हें गहरा दुख है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है.
सौ लोग बलिदान देने के लिए तैयार होना चाहिए : शिंदे
शिंदे ने नासिक में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि मैंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि सरकार एक भी पेड़ काटना चाहती है तो उसे छूने से पहले ही सौ लोग बलिदान देने के लिए तैयार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यहां तक कि सतारा जिले में भी लोनंद-सतारा सड़क चौड़ीकरण कार्य के कारण लगभग 400 बरगद के पेड़ों को काटा जाएगा. हमारी अपनी सरकार के सत्ता में होने के बावजूद इस तरह का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार व्यापक रूप से देखा जा रहा है.
अभिनेता ने किया था एनसीपी के लिए प्रचार
अभिनेता ने चुनावों के दौरान अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के लिए प्रचार किया था. राकांपा सत्तारूढ़ भाजपा नीत गठबंधन का हिस्सा है. राहत उपायों के आश्वासन के बारे में शिंदे ने कहा कि यह सत्यापित करने के लिए कोई तंत्र नहीं है कि क्या राज्य ने वास्तव में क्षतिपूर्ति के लिए पौधे लगाए हैं या क्या वे पौधे जीवित बचे हैं और सही पेड़ों के रूप में विकसित हुए हैं. क्या कोई सरकारी विभाग निर्णायक सबूत प्रदान करेगा कि ये पौधे वास्तव में लगाए गए हैं?
साधु ग्राम योजना बनाने की तैयारी
साधु ग्राम योजना लगभग 1,200 एकड़ में बनाई जा रही है. यहां आयोजन के दौरान वैष्णव संप्रदाय के संत ठहरेंगे.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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