नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में आया फैसला, अदालत ने 2 आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 10 May 2024 12:23 PM
Narendra Dabholkar Murder Case/ File Photo
Narendra Dabholkar Murder Case : नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में अदालत का फैसला आ गया है. अदालत ने 2 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जानें पूरा मामला
Narendra Dabholkar Murder Case : महाराष्ट्र के पुणे की एक विशेष अदालत अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले कार्यकर्ता डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया. अदालत ने आरोपी वीरेंद्रसिंह तावड़े, संजीव पुनालेकर और विक्रम भावे को बरी कर दिया है जबकि आरोपी सचिन अंदुरे और शरद कालस्कर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आपको बता दें कि नरेंद्र दाभोलकर को 20 अगस्त 2013 को पुणे में गोली मार दी गई थी.
हत्या की साजिश के मास्टरमाइंड बताए जा रहे डॉ. वीरेंद्र तावड़े सहित दो अन्य आरोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. इन्हें सबूतों के अभाव में बरी किया गया है. वहीं दाभोलकर पर गोली चलाने वाले सचिन अंदुरे और शरद कालस्कर को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इनपर 5 लाख का जुर्माना भी अदालत ले लगाया है.
सुबह की सैर पर निकले दाभोलकर की कर दी गई थी हत्या
उल्लेखनीय है कि पुणे के ओंकारेश्वर ब्रिज पर सुबह की सैर पर निकले नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था. विशेष लोक अभियोजक प्रकाश सूर्यवंशी ने गुरुवार को बताया था कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम से जुड़े मामलों की विशेष अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.ए. जाधव संभवत: शुक्रवार को फैसला सुनाएंगे. केस के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों जबकि बचाव पक्ष ने दो गवाहों से सवाल-जवाब किए थे.
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केस सीबीआई ने लिया आपने हाथों में
शुरुआत में इस मामले की जांच पुणे पुलिस कर रही थी, लेकिन बंबई हाई कोर्ट के आदेश के बाद 2014 में सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में ले लिया. इसके बाद जून 2016 में हिंदू दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था से जुड़े डॉ. वीरेंद्र सिंह तावड़े को गिरफ्तार किया गया. अभियोजन पक्ष के अनुसार, तावड़े हत्या के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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