Rajiv Gandhi Death: राजीव गांधी हत्याकांड के सभी दोषी रिहा, वेल्लोर जेल से बाहर निकली नलिनी
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Nov 2022 6:03 PM
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने इस बात का उल्लेख किया कि तमिलनाडु सरकार ने सभी दोषियों की सजा घटाने की सिफारिश की थी, जिस पर राज्यपाल ने कदम नहीं उठाया था. न्यायालय ने यह भी संज्ञान में लिया कि दोषियों का आचरण जेल में रहने के दौरान संतोषजनक था.
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सभी 6 दोषियों को रिहा करने का आदेश दे दिया. रिहाई को ऑर्डर मिलने के बाद तीन दशक से उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन वेल्लोर जेल से शनिवार को बाहर निकल गयीं. मालूम हो SC ने नलिनी के अलावा, जिन पांच अन्य को रिहा करने का आदेश दिया है, उसमें आर पी रविचंद्रन, नलिनी के पति वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन, संतन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार शामिल हैं. श्रीहरन, संतन, रॉबर्ट और जयकुमार श्रीलंकाई नागरिक हैं.
जेल में आचरण संतोषजनक पाये जाने के बाद दोषियों की हुई रिहाई
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने इस बात का उल्लेख किया कि तमिलनाडु सरकार ने सभी दोषियों की सजा घटाने की सिफारिश की थी, जिस पर राज्यपाल ने कदम नहीं उठाया था. न्यायालय ने यह भी संज्ञान में लिया कि दोषियों का आचरण जेल में रहने के दौरान संतोषजनक था.
Vellore, Tamil Nadu | Nalini Sriharan, one of the six convicts in the assassination of former PM Rajiv Gandhi released from Vellore Jail. pic.twitter.com/SV6JzO62ft
— ANI (@ANI) November 12, 2022
1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर में हुई थी राजीव गांधी की हत्या
गौरतलब है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर में एक चुनाव रैली में एक महिला आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी. आत्मघाती विस्फोट में राजीव गांधी, नौ पुलिस कर्मियों सहित 16 अन्य की मौत हो गई थी। साथ ही, 45 अन्य लोग घायल हो गये थे.
रिहाई के बाद नलिनी की मां ने कहा, खुशी के भाव शब्दों में बयां नहीं किये जा सकते
नलिनी ने अपनी रिहाई पर टिप्पणी करने से पैरोल का हवाला देते हुए इनकार कर दिया, लेकिन उसकी मां एस पद्मा ने कहा, खुशी के भाव शब्दों में बयां नहीं किये जा सकते. इस खुशी का कोई ठिकाना नहीं है, बल्कि असीम आनंद की अनुभूति के अलावा और कुछ नहीं है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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