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संसद का शीतकालीन सत्र: सदन में हंगामे के बीच आज 40 से अधिक विपक्षी सांसदों को किया गया सस्पेंड, देखें नाम

सदन के अंदर तख्तियां नहीं लाने का निर्णय लिया गया. हाल के चुनाव हारने के बाद हताशा के कारण वे ऐसे कदम उठा रहे हैं. जानें सांसदों को सस्पेंड करने से पहले क्या बोले केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

संसद में आज भी हंगामा जारी है. इस बीच आज कई और सांसदों को लोकसभा से सस्पेंड कर दिया गया. इसमें कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का नाम भी शामिल है. जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार लोकसभा में आसन की अवमानना को लेकर मंगलवार को 40 से अधिक और विपक्षी सदस्यों को सस्पेंड किया गया है. इनको पूरे सत्र के लिए सस्पेंड किया गया है.

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रिया सुले, मनीष तिवारी, शशि थरूर, मोहम्मद फैसल, कार्ति चिदंबरम, सुदीप बंधोपाध्याय, डिंपल यादव और दानिश अली सहित अन्य विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा गया जिसे बाद में पारित कर दिया गया.

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लोकसभा में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सदन के अंदर तख्तियां नहीं लाने का निर्णय लिया गया. हाल के चुनाव हारने के बाद हताशा के कारण वे ऐसे कदम उठा रहे हैं. यही कारण है कि हम एक प्रस्ताव (सांसदों को निलंबित करने का) ला रहे हैं.

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लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया

संसद की सुरक्षा में चूक और कई विपक्षी दलों के सांसदों को निलंबित किये जाने के खिलाफ लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया. इस वजह से कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद फिर से शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसके बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो हंगामा कर रहे सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया.

विपक्षी सांसदों के निलंबन पर किसने क्या कहा

विपक्षी सांसदों के निलंबन पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार सही बात सुनना नहीं चाहती है. बीजेपी से यह पूछना चाहिए कि वे लोकतंत्र का मंदिर बोलते हैं. हम सब अपने भाषणों में लोकतंत्र का मंदिर जैसे शब्द का उपयोग करते हैं. ये किस मुंह से इसे लोकतंत्र का मंदिर कहते हैं, जब ये विपक्ष को लगातार बाहर करते जा रहे हैं. यदि ये दूसरी बार सरकार में आ गए तो यहां बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान नहीं बचेगा.

वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारुख़ अब्दुल्ला ने कहा कि पुलिस किसके हाथ में है? वह गृह मंत्रालय के अधीन आता है. क्या हो जाता यदि वे(केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह) संसद में आकर 5 मिनट बयान दे देते और कह देते कि हम कार्रवाई कर रहे हैं.

विपक्षी सांसदों को सस्पेंड किये जाने पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि यह संसद के अंदर अराजकता के अलावा और कुछ नहीं है…उन्हें हमारे देश की संसदीय प्रणाली पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है. ये संसद में अराजकता, अराजकता और अराजकता के अलावा कुछ नहीं है.

विपक्षी सांसदों निलंबन पर सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि आज लगभग 40 से ज्यादा सांसद सस्पेंड किये गये हैं. कल भी लोकसभा और राज्यसभा में मिलाकर 80 से ज्यादा सांसद सस्पेंड किये गये थे. यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. जो वातावरण हम देख रहे हैं, जहां हम संसद में अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं वह सरकार की पूरी विफलता को दर्शाता है.

विपक्ष ने विरोध जताया

इससे पहले संसद के दोनों सदनों से सोमवार को 90 से अधिक विपक्षी सदस्यों को सस्पेंड किये जाने पर विपक्ष ने विरोध जताया. विपक्ष के सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सदन की ‘मॉक कार्यवाही’ का आयोजन किया. निलंबित सांसदों ने संसद के नए भवन के मकर द्वार पर धरना दिया.

इन सांसदों को आज किया गया सस्पेंड

लोकसभा में तख्तियां दिखाने और सदन की अवमानना करने को लेकर मंगलवार को फारूक अब्दुल्ला, शशि थरूर, मनीष तिवारी और सुप्रिया सुले सहित 49 और विपक्षी सदस्यों को संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए सस्पेंड कर दिया गया. संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 49 विपक्षी सदस्यों का नाम लेकर उन्हें तख्तियां दिखाने और आसन की अवमानना करने के मामले में निलंबित करने का प्रस्ताव रखा जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया.

निलंबित किए गए सदस्यों में कांग्रेस के शशि थरूर, मनीष तिवारी, गुरजीत सिंह औजला, सप्तगिरि उलाका, प्रद्युत बोरदोलोई, गीता कोड़ा, ज्योत्सना महंत, जसवीर गिल, कार्ति चिदंबरम, मोहम्मद सादिक, एम के विष्णु प्रसाद, रवनीत सिंह बिट्टू, के. सुधाकरन, वी. वैथिलिंगम, फ्रांसिस्को सरदिन्हा, अदूर प्रकाश, चेल्ला कुमार और प्रतिभा सिंह शामिल हैं. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के निलंबित किए गए सदस्यों में एस. जगतरक्षण, एस. आर. पार्थिबन, ए. गणेश मूर्ति, पी. वेलूस्वामी, डीएनवी सेंथिल कुमार और एम. धनुष कुमार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के निलंबित सदस्यों में सुप्रिया सुले, अमोल कोल्हे और पी.पी. मोहम्मद फैजल शामिल हैं.

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लोकसभा से जनता दल (यू) के राजीव रंजन सिंह, गिरधारी यादव, संतोष कुमार, दुलाल चंद गोस्वामी, दिनेश चंद्र यादव, महाबली सिंह, दिनेश्वर कामत, सुनील कुमार, चंद्रेश्वर प्रसाद और आलोक कुमार सुमन को भी सदन से निलंबित किया गया है. तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, माला राय, सजदा अहमद और खलीलुर रहमान को, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव और एस टी हसन को तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला एवं हसनैन मसूदी को भी निलंबित कर दिया गया है.

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इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी से हाल में निलंबित किए गए लोकसभा सदस्य दानिश अली, वीसीके सांसद थोल तिरुमावलवन, आईयूएमएल के अब्दुस समद समदानी और आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार रिंकू को भी निलंबित किया गया है.

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