उत्तर भारत में जम रहा घना कोहरा, 100 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित, विमानों के बदले जा रहे रूट

Published by : Pritish Sahay Updated At : 28 Dec 2022 2:29 PM

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कोहरे के कारण हुई कम विजिबिलिटी के कारण हवाई यातायात काफी प्रभावित हो रहा है. वहीं, कम दृश्यता के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दो विमानों को जयपुर भेजा गया. बीते कुछ दिनों से कोहरे के कारण दर्जनों उड़ानों को डायवर्ट किया गया है. कई विमानों के रूट बदले गए हैं.

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पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. घने कोहरे के कारण जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. सड़क, रेल और हवाई यातायात कोहरे के कारण पूरी तरह बाधित हो गये हैं. विजिबिलिटी कम होने कारण 100 से अधिक विमानें देर से उड़ान भर रही है. बीते तीन दिनों से उत्तर भारत के कई राज्यों में घने कोहरे के कारण 100 से ज्यादा विमानों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है. इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

कई उड़ाने रद्द: मंगलवार को भी घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया था और कितनी विमानों को डायवर्ट किया गया था. जिस विमानों को डायवर्ट किया गया था उन्हें दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया. बता दें कम विजिबिलिटी होने के कारण हवाई यातायात काफी प्रभावित हो रहा है.  वहीं, कम दृश्यता के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दो विमानों को जयपुर भेजा गया. हवाई अड्डा अधिकारियों ने बताया कि बीते मंगलवार को स्पाइसजेट और इंडिगो के विमानों को जयपुर डायवर्ट किया गया.

कड़ाके की ठंड के साथ जम रहा है घना कोहरा: गौरतलब है कि पहाड़ों में जारी बर्फबारी के बीच पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा जम रहा है. दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई और राज्यों में घना कोहरा जम रहा है. जिस कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक अभी ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है. जनवरी के महीने में दिल्ली में ठंड में इजाफा हो सकता है. वहीं कोहरे में थोड़ी राहत मिल सकती है.

पहाड़ों में हो सकती है बर्फबारी: गौरतलब है कि पश्चिम में विक्षोभ बना हुआ है जिस कारण पहाड़ों में बर्फबारी की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. ऐसे में उत्तर भारत में पड़ रही ठंड में एक दो डिग्री की गिरावट आ सकती है. 

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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