Monsoon Session: संसदीय मामलों की कमेटी की बैठक आज, मानसून सत्र को लेकर होगी चर्चा
19 मई को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटते हुए दिल्ली को लेकर अध्यादेश जारी किया. केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश, 2023 लेकर आयी. जिसके तहत किसी भी अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा निर्णय उपराज्यपाल ही करेंगे.
संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी की आज बैठक हो सकती है. जिसमें आगामी मानसून सत्र को लेकर चर्चा होने की संभावना जतायी जा रही है. संसदीय कैबिनेट कमेटी की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. बैठक में मानसून सत्र की तारीखों को अंतिम रूप देने की भी संभावना जतायी जा रही है. ऐसे उम्मीद की जा रही है कि मानसून सत्र 17 जुलाई या 20 जुलाई से हो सकती है.
मानसून सत्र में केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ हो सकता है हंगामा
मानसून सत्र में दिल्ली में उपराज्यपाल को अधिक प्रशासनिक शक्तियां देने वाले केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ भारी हंगामा हो सकता है. अरविंद केजरीवाल ने केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ देशभर में घूम-घूमकर विपक्षी पार्टियों से समर्थन मांगा है. हालांकि कांग्रेस ने केजरीवाल को इस मामले में अबतक समर्थन देने का ऐलान नहीं किया है. केजरीवाल ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से इस मामले को लेकर मिलने का समय भी मांगा है.
क्या है केंद्र सरकार का अध्यादेश
19 मई को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटते हुए दिल्ली को लेकर अध्यादेश जारी किया. केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश, 2023 लेकर आयी. जिसके तहत किसी भी अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा निर्णय उपराज्यपाल ही करेंगे. इस अध्यादेश के पर केंद्र सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी कोई आम क्षेत्र नहीं है. यहां देश के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थान हैं. देश के कई संवैधानिक पदाधिकारी भी दिल्ली में ही रहते हैं. वैसे में अगर किसी भी तरह की प्रशासनिक भूल हुई तो, इसका असर न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ेगा.
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या सुनाया था फैसला
दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच जारी झगड़े के बीच सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को अरविंद केजरीवाल सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया था. जिसमें सुप्रीम कोर्ट की संसदीय पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार के पास ही होना चाहिए.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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