Monsoon Alert: अंडमान-निकोबार तक पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, समय से पहले भारत में होगी एंट्री!

Updated:
विज्ञापन
Rain Alert

समय से पहले हो सकती है मानसून की दस्तक, फोटो- पीटीआई

Monsoon Alert: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान-निकोबार और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में दस्तक दे दी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार केरल में इस बार समय से पहले मानसून पहुंच सकता है. हालांकि अल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका बनी हुई है.

विज्ञापन

Monsoon Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि इस बार मानसून समय से चार दिन पहले दस्तक दे सकता है. विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon News) ने दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, संपूर्ण निकोबार द्वीप समूह और श्री विजयपुरम सहित अंडमान द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी आवश्यक परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.

तीन से चार दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ेगा मानसून

आईएमडी (IMD Monsoon Alert)ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा, अंडमान द्वीप समूह और अंडमान सागर के शेष इलाकों के साथ-साथ पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी मानसून पहुंच सकता है.

केरल में 26 मई तक मानसून के पहुंचने का अनुमान

मौसम विभाग ने शुक्रवार को जारी अपने पूर्वानुमान में बताया था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई की सुबह तक केरल पहुंच सकता है. आमतौर पर केरल में मानसून की शुरुआत एक जून के आसपास होती है और इसी के साथ देश में चार महीने लंबे दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन की शुरुआत मानी जाती है.

समय से पहले हो सकती है मानसून की दस्तक

मानसून इस बार अपने तय समय से पहले केरल पहुंच सकता है. ऐसे में इसका आगमन किसान के लिए काफी अच्छा माना जा रहा है. भारत में अभी से खेती का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश पर निर्भर करता है.

अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश की आशंका

हालांकि, मानसून की शुरुआती प्रगति के बीच आईएमडी ने इस साल मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई है. मौसम विभाग के अनुसार, इसकी मुख्य कारण प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो की स्थिति हो सकती है.

क्या है अल नीनो?

अल नीनो एक जलवायु संबंधी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है. इसका असर दुनियाभर के मौसम पैटर्न पर पड़ता है. भारत में अल नीनो का प्रभाव अक्सर कमजोर मानसून और कम बारिश के रूप में देखने को मिलता है.

Also Read: अगले 7 दिन भारी बारिश, गरज-चमक और आंधी का खतरा, IMD ने जारी किया अलर्ट

विज्ञापन
प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola