Mock Drill : सायरन बजते ही टेबल के नीचे घुस गईं छात्राएं

Edited by Amitabh Kumar
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Mock Drill : गृह मंत्रालय के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, लोगों को ‘‘शत्रु के हमले’’ की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर ट्रेनिंग देना और बंकरों की सफाई करना शामिल है. इस बीच देखें जम्मू का ये वीडियो.

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Mock Drill : जम्मू के एक स्कूल में छात्रों को मॉक ड्रिल अभ्यास के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया. इसका वीडियो सामने आया है. इसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. इसमें नजर आ रहा है कि एक टीचर छात्राओं को बचने का तरीका बता रहीं हैं. जैसे ही सायरन बजता है, छात्राएं टेबल के नीचे छिप जातीं हैं. इसके बाद दोनों कान को बंद कर लेतीं हैं. गृह मंत्रालय ने 7 मई को पूरे देश में मॉक ड्रिल करने का निर्देश दिया है. इसको लेकर तैयारी चल रही है. देखें वीडियो.

इसके आगे वीडियो में नजर आ रहा है कि एक टीचर छात्राओं को सायरन बजने पर क्या करना है ये बता रहे हैं. वे कहते हैं कि पहले खुद की सुरक्षा करनी है. टीचर के द्वारा सिखाई  गई बातों को छात्राएं फॉलो करतीं हैं. वे टेबल के नीचे छिपतीं हैं जबकि कुछ छात्राएं जमीन पर लेट जातीं है. वीडियो में आगे नजर आ रहा है कि छात्राएं कान को बंद करके स्कूल के बाहर निकल रहीं हैं.

मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा करेंगे केंद्रीय गृह सचिव

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मंगलवार को नागरिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की तैयारियों की समीक्षा करेंगे. इसमें हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाने संबंधित ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित करना, लोगों को ‘‘शत्रु के हमले’’ की स्थिति में खुद को बचाने के लिए प्रशिक्षित करना और बंकरों की सफाई करना शामिल है.

एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘‘गृह सचिव 244 जिलों में की जा रही नागरिक सुरक्षा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे. सभी राज्यों के मुख्य सचिव और नागरिक सुरक्षा प्रमुख वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में हिस्सा लेंगे.’’

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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