बड़ी राहत : कोरोना इलाज के लिए मिलने वाली 10 लाख रुपये तक की रकम पर नहीं देना पड़ेगा कोई टैक्स

अगर किसी नियुक्तिकर्ता ने अपने कर्मचारी के कोविड इलाज पर खर्च किया, तो उस कर्मचारी को कोई टैक्स नहीं देना होगा. उन्होंने कहा कि अगर किसी की मृत्यु के बाद नियुक्तिकर्ता अपने कर्मचारी को एक्सग्रेशिया राशि देता है, तो उस व्यक्ति के लिए टैक्स में छूट होगी.
नई दिल्ली : कोरोना संकट के दौरान केंद्र की मोदी सरकार ने आम आदमी को बहुत बड़ी राहत प्रदान की है. शुक्रवार को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने घोषणा की है कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए कंपनी या किसी दूसरे व्यक्ति से ली गई 10 लाख तक की रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. यह छूट वित्त वर्ष 2019-20 और 2021-22 के लिए है. वहीं, मौत के बाद मिले मुआवजे पर भी कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा.
वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि अगर किसी नियुक्तिकर्ता ने अपने कर्मचारी के कोविड इलाज पर खर्च किया, तो उस कर्मचारी को कोई टैक्स नहीं देना होगा. उन्होंने कहा कि अगर किसी की मृत्यु के बाद नियुक्तिकर्ता अपने कर्मचारी को एक्सग्रेशिया राशि देता है, तो उस व्यक्ति के लिए टैक्स में छूट होगी.
इसके साथ ही, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई बाहर का व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की मदद करता है और मृत्यु के बाद उसके परिवार की मदद करता है, तो उस परिवार को टैक्स नहीं देना पड़ेगा, लेकिन इसपर 10 लाख रुपए तक की सीमा तय की गई है.
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 या उसके बाद कोई नियोक्ता अपने कर्मचारी के परिवार को एक्सग्रेशिया की राशि का भुगतान करता है या कोई दूसरा व्यक्ति कर्मचारी की मृत्यु पर उसके परिवार को या किसी दूसरे व्यक्ति को मदद करता है, उसे टैक्स से छूट दी जाएगी.
Potsed by : Vishwat Sen
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