पूर्वोत्तर के उग्रवादी सरकार के आगे डालेंगे हथियार, असम और आतंकवादी समूहों के बीच हुआ करार
Published by : Pritish Sahay Updated At : 15 Sep 2022 9:18 PM
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि इस समझौते के बाद 1170 उग्रवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे. साथ ही वे सरकार को 300 से अधिक स्वचालित हथियार सौंपेंगे. असम में शांति की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि असम सरकार और 8 जनजातीय समूहों के प्रतिनिधियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए.इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि एक लंबी प्रक्रिया के बाद नॉर्थ ईस्ट में शांति और समृद्धि का वातावरण स्थापित हो रहा है. वहीं, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि इस समझौते के बाद 1170 उग्रवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे. साथ ही वे सरकार को 300 से अधिक स्वचालित हथियार सौंपेंगे. असम में शांति की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा.
After this pact, 1170 militants will surrender and join the mainstream. They will submit over 300 automatic weapons to the Govt. This will be a major step towards peace in Assam: CM Himanta Biswa Sarma pic.twitter.com/EGID5QmySW
— ANI (@ANI) September 15, 2022
असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम के आदिवासी जनसंख्या की मांगों के चलते 8 उग्रवादी संगठनों का जन्म हो चुका था. ये उग्रवादी संगठन 2012 में सरकार के साथ बातचीत शुरू की. 2016 में सरकार और उग्रवादी संगठनों के बीच युद्ध विराम समझौता हुआ. उन्होंने कहा कि यह असम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर को देश की अष्टलक्ष्मी बनाने का काम चल रहा है.
This is very significant for Assam. Under the leadership of PM Modi, work is underway to make the northeast, the AshtaLakshmi of the country. In this connection, today 8 tribal militant outfits signed a peace pact with Govt of India and Govt of Assam: CM Himanta Biswa Sarma https://t.co/ERMFr9Axmf pic.twitter.com/75JU8flkHq
— ANI (@ANI) September 15, 2022
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने असम के कुछ हिस्सों में स्थायी शांति लाने के लिए आठ आदिवासी आतंकवादी संगठनों के साथ आज यानी गुरुवार को एक समझौते किया. इन आठ समूहों में ऑल आदिवासी नेशनल लिबरेशन आर्मी, आदिवासी कोबरा मिलिटेंट ऑफ असम, बिरसा कमांडो फोर्स, संथाल टाइगर फोर्स और आदिवासी पीपुल्स आर्मी शामिल हैं.
शांति और सद्भाव के नये युग की शुरुआत: असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने इस मौके पर कहा उन्हें विश्वास है कि समझौता होने से असम में शांति और सद्भाव के एक नए युग की शुरुआत होगी. परेश बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा के कट्टरपंथी गुट और कामतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन को छोड़कर, राज्य में सक्रिय अन्य सभी विद्रोही समूहों ने सरकार के साथ शांति समझौता कर लिया है.
भाषा इनपुट के साथ
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