मिलिंद देवड़ा के 55 साल पुराना रिश्ता तोड़ने से कांग्रेस को होगा ज्यादा नुकसान! जानें ऐसा क्यों
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Jan 2024 9:38 AM
मिलिंद देवड़ा का इस्तीफा उन अटकलों के बीच आया है कि केंद्रीय मंत्री महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होंगे. जानें मिलिंद देवड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर क्या लिखा है.
लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में कांग्रेस को जोरदार झटका लगा है. ये झटका राहुल गांधी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू होने से ठीक पहले लगा है. दरअसल, मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा कर दी है. इससे पार्टी के साथ उनके परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया. कांग्रेस के दिग्गज नेता मुरली देवड़ा के बेटे मिलिंद देवड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर उक्त जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि आज मेरी राजनीतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हो चुका है. मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी के साथ मेरे परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिलिंद देवड़ा शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं.
Today marks the conclusion of a significant chapter in my political journey. I have tendered my resignation from the primary membership of @INCIndia, ending my family’s 55-year relationship with the party.
I am grateful to all leaders, colleagues & karyakartas for their…
— Milind Deora | मिलिंद देवरा (@milinddeora) January 14, 2024
अटकलों को ‘अफवाह’ कहकर खारिज किया मिलिंद देवड़ा ने
मिलिंद देवड़ा का इस्तीफा उन अटकलों के बीच आया है कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होंगे. हालांकि, देवड़ा ने शनिवार को इन अटकलों को ‘अफवाह’ कहकर खारिज कर दिया था. देवड़ा की बात करें तो ये वही नेता हैं जिन्होंने हाल ही में मुंबई दक्षिण लोकसभा क्षेत्र पर शिवसेना (यूबीटी) द्वारा दावा करने पर अपनी नाराजगी सार्वजनिक की थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपने समर्थकों के साथ किसी प्लान पर काम कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मैं अपने समर्थकों की बात सुन रहा हूं…अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है.
किस दिग्गज के बेटे हैं मिलिंद देवड़ा ?
मिलिंद देवड़ा कांग्रेस के दिग्गज नेता मुरली देवड़ा के बेटे हैं. इन्होंने लोकसभा चुनाव 2004 और 2009 में मुंबई दक्षिण सीट पर जीत दर्ज की थी. बाद के 2014 और 2019 चुनावों में शिवसेना (अविभाजित) नेता अरविंद सावंत के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. देवड़ा ने कहा था कि उनके परिवार ने 50 वर्षों तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है. वह किसी भी लहर के बाद नहीं चुने गये. मीडिया में चल रही खबरों पर एक सवाल का जवाब देते हुए देवड़ा ने कहा कि ये अफवाहें हैं, जिसमें कहा गया है कि वह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ रहे हैं.
देवड़ा ने क्यों छोड़ी कांग्रेस
आपको बता दें कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट ने आगामी लोकसभा चुनाव में मुंबई दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से लड़ने का दावा किया था, जिसका प्रतिनिधित्व 2014 से पहले देवड़ा करते थे, जो कांग्रेस नेता को रास नहीं आया. पिछले दिनों जारी एक वीडियो बयान में, देवड़ा ने कहा कि यदि “alliance partner” के द्वारा इस तरह के बयान बंद नहीं हुए, तो उनकी पार्टी भी सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है. गौर हो कि शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) की गठबंधन सहयोगी है.
कांग्रेस को होगा नुकसान
जानकारों की मानें तो यदि मिलिंद देवड़ा के शिंदे गुट में जानें की अटकलें सही साबित होती हैं तो कांग्रेस को इससे ज्यादा नुकसान हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि मुंबई दक्षिण में देवड़ा का गढ़ रहा है.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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