मिडिल ईस्ट जंग: पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति डॉ मसूद से की बात, होर्मुज पर हुई चर्चा

नरेंद्र मोदी और डॉ मसूद पेजेश्कियन, फोटो एक्स
Middle East War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की. पीएम ने होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा की और शिपिंग मार्ग पर फ्री नेविगेशन की वकालत की.
Middle East War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद एक्स पर एक पोस्ट डाला जिसमें लिखा- मैंने राष्ट्रपति डॉ मसूद पेजेश्कियन से बात की और उन्हें ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं.
पीएम मोदी ने ईरान पर हुए हमले की निंदा की
पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बारे में बताया- हमने उम्मीद जताई कि यह त्योहारों का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा. हमने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और ग्लोबल सप्लाई चैन को बाधित करते हैं.
पीएम मोदी बोले- शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहे
पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ बातचीत में होर्मुज पर फ्री नेविगेशन पर चर्चा की. पीएम ने कहा- शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहे. ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग की सराहना की.
ईरान को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर बोला हमला
कांग्रेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है. कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युद्धविराम कराने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति और इजराइल के प्रधानमंत्री के साथ अपनी बहुचर्चित मित्रता का भी इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने कहा, क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए उस भीषण हवाई हमले की निंदा या आलोचना की या खेद व्यक्त किया है. जिसके कारण अब भारत सहित पूरी दुनिया में गंभीर आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई है? जवाब है-नहीं.
जयराम रमेश ने पूछा- क्या मोदी ने ईरानी नेताओं की हत्या की निंदा की?
जयराम रमेश ने पूछा- क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के टॉप लीडर की हत्या किए जाने की निंदा या आलोचना की या खेद व्यक्त किया? जवाब है- नहीं. रमेश ने कहा, क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान में शासन परिवर्तन और राज्य को अस्थिर करने की उन क्रूर कोशिशों की निंदा या आलोचना की या खेद व्यक्त किया,जिनकी वजह से ईरान में गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है? जवाब है- नहीं.
ईरान में अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत
युद्ध में अब तक ईरान में 1300 से अधिक, लेबनान में 1000 से ज्यादा, इजराइल में 15 और इस क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. लेबनान और ईरान में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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