मुंद्रा पोर्ट पहुंची क्रूड ऑयल की बड़ी खेप, 80,886 MT लेकर पहुंचा जग लाडकी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 18 Mar 2026 4:29 PM

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तेल टैंकर जग लाडकी, फोटो- पीटीआई

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी बुधवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट सुरक्षित पहुंच गया. जहाज में 80,886 टन कच्चा तेल लदा है. फारस की खाड़ी में अब कुल 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. 22 स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के पश्चिमी किनारे पर हैं, जबकि दो पूर्वी किनारे पर हैं.

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Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी बुधवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट सुरक्षित पहुंच गया. पोत परिवहन से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस टैंकर में 80,886 टन कच्चा तेल लदा हुआ है. फुजैराह बंदरगाह पर हमले के बावजूद टैंकर वहां से सुरक्षित रवाना हुआ और तय समय पर मुंद्रा पोर्ट पहुंचने में सफल रहा. जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक भी पूरी तरह सुरक्षित हैं. इससे पहले सोमवार को टैंकर शिवालिक बंदरगाह पर पहुंचा था, जबकि उसके अगले दिन मंगलवार को नंदा देवी कांडला पोर्ट पहुंचा.

एक हफ्ते में चार जहाज पहुंचे भारत

ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ा हुआ है, जिसके कारण वहां भारतीय ध्वज वाले कुल 28 जहाज फंसे थे. इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर और 4 जहाज पूर्वी किनारे पर फंसे थे. बीते एक सप्ताह में चार जहाह भारत पहुंचने में कामयाब रहे हैं. भारत पहुंचने वाले जहाजों में शिवालिक, नंदा देवी, जग प्रकाश और जग लाडकी शामिल हैं.

24 भारतीय जहाज अब भी फंसे हैं

फारस की खाड़ी में अब कुल 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. 22 स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के पश्चिमी किनारे पर हैं, जिनमें 611 नाविक सवार हैं, जबकि दो पूर्वी किनारे पर हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर बचे 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज में से छह एलपीजी लाने वाले जहाज हैं. एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टैंकर है, चार कच्चे तेल के टैंकर हैं, एक रासायनिक उत्पादों का परिवहन कर रहा है, तीन कंटेनर जहाज हैं और दो थोक वाहक हैं. इसके अलावा एक ड्रेजर है, एक खाली है. तीन जहाज नियमित रखरखाव के लिए बंदरगाह पर हैं.

स्ट्रैट ऑफ हार्मुज अमेरिका-इजराइल और ईरान की लड़ाई के कारण करीब 500 टैंकर जहाज फारस की खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं. इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 ऑयल प्रोडक्ट टैंकर, 104 केमिकल प्रोडक्ट ले जाने वाले टैंकर, 52 केमिकल टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है, जिनके बारे में वह यह पुष्टि कर लेता है कि जहाज का स्वामित्व, उसमें लदा माल और उसका संचालन अमेरिका से जुड़ा नहीं है. (इनपुट भाषा)

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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