Manipur Violence: मणिपुर में आदिवासी महिलाओं ने किया प्रदर्शन, मोरेह से पुलिस बल हटाने की मांग
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 31 Jul 2023 9:55 PM
कुकी-जो समुदाय की हजारों महिलाओं ने पुलिस बलों को मोरेह कस्बे में दाखिल होने से रोकने के लिए 28 जुलाई को सड़क को अवरुद्ध कर दिया था. इंडियन रिजर्व बटालियन और मणिपुर राइफल्स सहित अन्य सुरक्षा बलों का दस वाहनों का एक काफिला जब मोरेह कस्बे की तरफ बढ़ रहा था, तब महिलाओं ने उसे तेंगनौपाल में रोक दिया था.
मणिपुर पिछले 90 दिनों से हिंसा की आग में जल रहा है. रोजाना वहां से नयी-नयी घटनाएं सामने आ रही हैं. राज्य में महिलाएं सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. सोमवार को भी पुलिस बल को हटाने की मांग करते हुए आदिवासी महिलाओं ने प्रदर्शन किया.
महिलाओं ने दी व्यापक आंदोलन की धमकी
इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने सोमवार को धमकी दी कि अगर राज्य सरकार मोरेह से राज्य पुलिस बल के जवानों को तुरंत वापस नहीं बुलाती है तो मणिपुर के सभी आदिवासी जिलों में आंदोलन शुरू किया जाएगा. इससे कुछ घंटे पहले ही, राज्य के चुराचांदपुर जिले में एक हजार से अधिक महिलाओं ने म्यांमा की सीमा से सटे मोरेह कस्बे से राज्य पुलिस बलों को हटाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया. आईएलटीएफ ने कहा, निष्पक्षता एवं तटस्थता बनाए रखने के लिए, सरकार से मोरेह से (राज्य के) सुरक्षा कर्मियों को वापस बुलाने का हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं. इसके साथ ही संगठन ने कहा कि अगर यह मांग नहीं मानी गई तो, हम सभी आदिवासी जिलों में जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे.
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप, उग्रवादी समूहों से मिले हैं पुलिस अधिकार
आईएलटीएफ नेताओं ने कहा कि वे मणिपुर सरकार द्वारा मोरेह शहर में राज्य सुरक्षा बलों को तैनात करने के सरकार के प्रयास से चिंतित है, जहां कुकी-जो आदिवासी रहते हैं. कुकी समुदाय का आरोप है कि राज्य पुलिस में मैतेई कर्मियों की खासी संख्या है और उसका रवैया पक्षपातपूर्ण है. आईटीएलएफ ने कहा कि उसे आशंका है कि उग्रवादी समूहों के सदस्य पुलिस के साथ मिले हुए हैं और वे अगर मोरेह में प्रवेश करते हैं तो भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. उसने कहा कि तेंगनौपाल में ज्यादातर पुलिसकर्मी बहुसंख्यक समुदाय से हैं. आईटीएलएफ ने कहा, मोरेह में आदिवासी महिलाएं राज्य बलों को सीमावर्ती कस्बे में प्रवेश करने से रोकने के प्रयास में राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर रही हैं.
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मोरेह कस्बे में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को प्रवेश करने से रोका
कुकी-जो समुदाय की हजारों महिलाओं ने पुलिस बलों को मोरेह कस्बे में दाखिल होने से रोकने के लिए 28 जुलाई को वहां जाने वाली सड़क को अवरुद्ध कर दिया था. इंडियन रिजर्व बटालियन और मणिपुर राइफल्स सहित अन्य सुरक्षा बलों का दस वाहनों का एक काफिला जब मोरेह कस्बे की तरफ बढ़ रहा था, तब महिलाओं ने उसे तेंगनौपाल में रोक दिया था.
विपक्षी सांसदों की टीम ने मणिपुर का किया दौरा
एक दिन पहले ही, विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) ने कहा था कि अगर मणिपुर में जातीय संघर्ष की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो पूरे देश के समक्ष सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
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मणिपुर हिंसा में अबतक कुल 160 लोगों की हो चुकी है मौत
गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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