Manipur Violence : मणिपुर में बिहार के 2 मजदूरों की हत्या, मारी गई गोली

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 15 Dec 2024 7:22 AM

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मणिपुर हिंसा

Manipur Violence : मणिपुर में बिहार के दो लोगों की हत्या कर दी गई है. मृतक गोपालगंज जिले के राजवाही गांव के हैं. इन्हें गोली मारी गई है. जानें पुलिस ने क्या बताया.

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Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा अभी भी जारी है. जातीय हिंसा प्रभावित इस राज्य में शनिवार को दो अलग-अलग घटनाओं में बिहार के दो किशोरों सहित तीन की मौत हो गई. घटना काकचिंग जिले की है. दोनों प्रवासी मजदूरों की हत्या करने वालों की अभी पहचान नहीं हो सकी है. पुलिस ने बताया कि घटना शनिवार की शाम करीब 5.20 बजे की है.

दोनों मजदूर काकचिंग जिले के केइराक में कंस्ट्रक्शन का काम करते थे. वे काम करके लौट रहे थे, ठीक उसी वक्त उनपर हमला किया गया. पुलिस ने बताया है कि घटना पंचायत कार्यालय के पास की है. मृतकों की पहचान 18 साल के सुनालाल कुमार और 17 साल के दशरथ कुमार के रूप में हुई है. दोनों गोपालगंज जिले के राजवाही गांव के रहने वाले थे.

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मजदूरों को मारी गई गोली

यह घटना काकचिंग-वाबागई रोड पर उस समय हुई जब पीड़ित साइकिल पर सवार होकर काकचिंग बाजार स्थित अपने किराए के घर लौट रहे थे. स्थानीय मीडिया के अनुसार, पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

मुठभेड़ में एक हथियारबंद शख्स मारा गया

एक अन्य घटना शनिवार की सुबह के समय मणिपुर की राजधानी इंफाल घाटी के थौबल जिले में हुई. यहां पुलिस कमांडो के साथ मुठभेड़ के बाद एक हथियारबंद शख्स मारा गया. वहीं छह अन्य को पकड़ लिया गया. पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सात लोगों को पकड़ा गया. उनमें से एक घायल पाया गया, जिसने बाद में एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया.

मणिपुर में आखिर क्यों भड़की थी हिंसा?

अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग मणिपुर में लंबे समय से मैतेई समुदाय द्वारा की जा रही थी. इसके बाद 14 अप्रैल, 2023 को हाईकोर्ट ने राज्य की एन बीरेन सिंह सरकार से मांग पर कार्रवाई करने को कहा. 3 मई, 2023 को मैतेई की आरक्षण वाली मांग और कोर्ट के आदेश के खिलाफ विरोध मार्च किया गया. ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (एटीएसयूएम) ने ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ न‍िकाला, जिसके बाद जगह-जगह हिंसा भड़कने लगी.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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