Mangaluru Blast : बिटक्वाइन के सहारे फलफूल रहा है आतंकवाद? मोहम्मद शारिक करता था फेक आईडी यूज

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 22 Nov 2022 2:22 PM

विज्ञापन

**EDS: IMAGE VIA CCTV FOOTAGE OBTAINED ON SATURDAY, NOV. 19, 2022** Mangaluru: Smoke rises (on extreme right) after an autorickshaw on a street, as seen from a CCTV camera from a nearby area, in Mangaluru city, Saturday, Nov. 19, 2022. No casualties were reported. (PTI Photo)(PTI11_19_2022_000281B)

Mangaluru Blast : मंगलुरु से जो आईडी मोहम्मद शारिक की बरामद की गयी है वो फेक है. आतंकवादी गतिविधि की प्रशंसा करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था. जानें पुलिस ने क्या दी जानकारी

विज्ञापन

Mangaluru Blast : कर्नाटक पुलिस को मंगलुरु विस्फोट के दो दिन के बाद मोहम्मद शारिक के बारे में जानकारी हुई जो 24 साल का है. ऑटो रिक्शा धमाके में वो सस्पेक्ट है. आरोपी के बारे में जांच जारी है और कई बातें सामने आ रही है. जांच में आरोपी को लेकर जो फाइल तैयार की जा रही है उसमें बिटक्वाइन की भी चर्चा है. बताया जा रहा है कि मोहम्मद शारिक बिटक्वाइन के धंधे से भी जुड़ा हुआ है. मोहम्मद शारिक शिवमोग्गा के तीर्थहल्ली शहर में सोप्पुगुड्डे इलाके का है जो मैसूर में किराये के मकान में रहता था. किराये का मकान उसने फेक आईडी के सहारे लिया था. बताया जा रहा है कि पिछले साल एक मामले में जमानत मिलने के बाद से वह फरार चल रहा था. आतंकवादी गतिविधि की प्रशंसा करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था.

शिवमोगा हिंसा में भी मोहम्मद शारिक का हाथ

15 अगस्त को पुलिस ने उसका नाम एक बार फिर लिया था जब शिवमोगा में दो संप्रादायों के बीच हिंसा हुई थी. इसके बाद मोहम्मद शारिक शिवमोगा से फरार हो गया था और कोयंबटूर पहुंचा था. यहां वह तीन दिनों तक रहा. यहां से वह केरला गया फिर तमिलनाडु में शरण ली. कुछ दिन वहां बिताने के बाद वह कर्नाटक आ गया. बताया जा रहा है कि 10 नवंबर को उसने मेंगलुरु में रेकी की थी. एक तस्वीर सामने आयी है जिसमें वो हाथ में प्रेशर कुकर पकड़े नजर आ रहा है. ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि शायद इसी का इस्तेमाल करके धमाका किया गया होगा. हालांकि तस्वीर की बात अभी साफ नहीं हुई है.

Also Read: Mangaluru Auto Blast: मेंगलुरु के ऑटो रिक्शा में फटा था कुकर बम, NIA करेगी जांच!
अंतरराष्ट्रीय (आतंकवादी) संगठनों से ‘‘प्रभावित” था मोहम्मद शारिक

पुलिस ने मामले को लेकर कहा है कि मंगलुरु से जो आईडी मोहम्मद शारिक की बरामद की गयी है वो फेक है. आरोपी अंतरराष्ट्रीय (आतंकवादी) संगठनों से ‘‘प्रभावित” था. घटनास्थल से जो आधार कार्ड मिला है वो किसी रेलवे कर्मचारी का है. पुलिस की मानें तो वो बिटक्वाइन के सहारे वो आतंकी घटना को अंजाम देने का काम करता था.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola