Maharashtra New CM : झुकेगा नहीं…! गृह मंत्रालय है किचकिच की जड़?
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Dec 2024 7:49 AM
एकनाथ शिंदे
Maharashtra New CM : महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है. ऐसी भी खबर है कि गृह मंत्रालय को लेकर बीजेपी और शिवसेना में खींचतान है.
Maharashtra New CM : महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ दिन के सन्नाटे के बाद फिर एक बार शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की आवाज गूंजी. वे अपने गांव सतारा में आराम करने के बाद मुंबई पहुंच गए हैं. इसके बाद भी सीएम फेस को लेकर कोई नाम सामने नहीं आया है. महाराष्ट्र की नई सरकार के 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में शपथ लेने की बात बीजेपी कह चुकी है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर अभी भी कुछ साफ नहीं हो पाया है. शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के पास ही गृह मंत्रालय था जिसे वो छोड़ना नहीं चाहते हैं. वहीं, शिंदे गुट का तर्क है कि यदि डिप्टी सीएम का पद हमें मिल रहा है तो गृह मंत्रालय भी हमारे पास ही होना चाहिए.
गृह मंत्रालय का सवाल टाल गए एकनाथ शिंदे
गुरुवार देर रात तक अमित शाह के साथ बैठक दिल्ली में हुई. इसमें शिंदे के अलावा देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी थे. इस बैठक में भी गृह मंत्रालय का हल नहीं निकल पाया. राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी गृह मंत्री का पद कभी हाथ से नहीं जाने देगी. रविवार को जब एकनाथ शिंदे मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन में सब ठीक है, हालांकि जब उनसे गृह मंत्रालय को लेकर सवाल किया गया तो वे टाल गए.
सीएम पद नहीं छोड़ना चाहते एकनाथ शिंदे?
महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष एकनाथ शिंदे शीर्ष पद पर अपनी वापसी की जोरदार वकालत करते दिखे. उन्होंने कहा, ” मैंने एक आम आदमी की तरह काम किया है. जनता को लगता है कि उन्हें फिर से सत्ता में आना चाहिए.” शिंदे, जो कथित तौर पर नई सरकार में गृह मंत्री नहीं बनाए जाने से नाखुश हैं, ने सारी अटकलों को खारिज किया. उन्होंने कहा है कि तीनों गठबंधन दलों के शीर्ष नेताओं के बीच बैठक में सारा निर्णय लिया जाएगा.
किसे कौन का मंत्रालय किया गया ऑफर
सूत्रों के हवाले से मीडिया में जो खबर है उसके अनुसार, अमित शाह से चर्चा के बाद भी विभागों को लेकर गठबंधन में खींचतान बनी हुई है. बीजेपी गृह, राजस्व, उच्च शिक्षा, कानून, ऊर्जा के अलावा ग्रामीण विकास चाहती है. वहीं, शिवसेना को हेल्थ, शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य, उद्योग ऑफर बीजेपी ने किया है. एनसीपी अजित गुट को वित्त, योजना, सहयोग, कृषि जैसे विभाग देने की पेशकश बैठक के दौरान की गई.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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