Mahakumbh 2025: महाकुंभ में रास्ता दिखा रहा 50 हजार QR कोड, डुबकी लगाने वालों पर है 300 गोताखोरों की नजर
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 14 Jan 2025 4:11 PM
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Mahakumbh 2025: प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शाही स्नान कर रहे हैं. आइए इन आंकड़ों के साथ महाकुंभ मेला को समझते हैं.
Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला शुरू हो चुका है. जिसमें लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं पर 300 गोताखोर नजर रख रहे हैं. इसके साथ ही श्रद्धालुओं को आने-जाने के लिए 50 हजार QR कोड सही रास्ता दिखा रहा है. प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर 26 फरवरी तक महाकुंभ मेला रहेगा. इस दौरान प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में शाही स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. महाकुंभ मेला हर 12 साल के बाद लगता है. लेकिन इस बार महाकुंभ मेला के दौरान 144 साल बाद ग्रहों का दुर्लभ संयोग बना हुआ है. बताया जा रहा है कि ग्रहों का ऐसा ही संयोग समुंद्र मंथन के दौरान बना हुआ था. प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालु 144 साल बाद इस शुभ घड़ी में स्नान कर रहे हैं.
महाकुंभ 2025 का विशेष संयोग
महाकुंभ 2025 इसलिए खास है, क्योंकि इस तरह का ग्रह योग 144 वर्षों के बाद बना है. हर 12 साल में एक सामान्य कुंभ मेला आयोजित होता है, 12 पूर्ण कुंभ होने पर महाकुंभ का संयोग बनता है. लेकिन 12 कुंभ मेलों के बाद 144 साल पर महाकुंभ लगता है.
महाकुंभ मेला कितने हेक्टेयर भूमि पर फैला है?
महाकुंभ मेला 4000 हेक्टेयर भूमि पर लगा हुआ है, इस पूरे क्षेत्र को 25 सेक्टरों में बांटा गया है. संगम तट पर कुल 41 घाट तैयार किए हैं. इनमें 10 पक्के घाट हैं, जबकि बाकी 31 घाट अस्थायी हैं. प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र को 76वां जिला भी घोषित किया गया है.
महाकुंभ में कितने अखाड़े मौजूद है?
प्रयागराज महाकुंभ मेले में इस समय विभिन्न अखाड़ों से साधु-संत पहुंचे हैं. वर्तमान में कुल 13 अखाड़े हैं, जिनमें सात अखाड़े शैव श्रेणी के हैं. इस श्रेणी के संत भगवान शिव की पूजा करते हैं. वहीं, 3 अखाड़े वैष्णव श्रेणी के हैं, जिसमें भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजी की जाती है. इसके अलावा 3 अखाड़े उदासीन श्रेणी के हैं, जिसमें ऊं को पूजा जाता है.
महाकुंभ में कितने गोताखोर तैनात है?
महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे श्रद्धालओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर कुल 300 गोताखोर तैनात हैं. ये गोताखोर घाटों पर कड़ी नजर रख रहे हैं, जिससे कोई भी श्रद्धालु पानी में नहीं डूब सकें.
महाकुंभ में कितने पुलिसकर्मी तैनात है?
महाकुंभ मेले में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 15 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इसके साथ ही, 102 पुलिस चौकियां और 113 ड्रोन निगरानी पर लगाए गए हैं, इनके अतिरिक्त मेले में NSG और विभिन्न सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है.
महाकुंभ मेले में कितने क्यूआर कोड लगे है?
महाकुंभ मेले में कुल 50 हजार क्यूआर कोड लगे हैं, इन क्यूआर कोड को बिजली के खंभों पर लगा दिया गया है. यदि किसी व्यक्ति को मेले में बिजली की शिकायत होती है, तो वह इस क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है. इससे सही लोकेशन की जानकारी मिल रही है.
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By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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