ePaper

India China Tension: चीन पर नजर रखने के लिए स्पेस टेक का इस्तेमाल करना चाहता है बीआरओ

Updated at : 18 Feb 2023 9:18 PM (IST)
विज्ञापन
India China Tension: चीन पर नजर रखने के लिए स्पेस टेक का इस्तेमाल करना चाहता है बीआरओ

India China Tension: बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि जल्द से जल्द टेक्नोलॉजी प्राप्त करने के लिए एयरो इंडिया 2023 में इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है.

विज्ञापन

India China Tension: चीन की नापाक हरकतों पर लगाम लगाने के मकसद से सीमा सड़क संगठन (BRO) सड़कों, पुलों और सुरंगों सहित अपनी रणनीतिक संपत्तियों की निगरानी के लिए स्पेस टेक का इस्तेमाल करना चाहता है. बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि जल्द से जल्द तकनीक प्राप्त करने के लिए एयरो इंडिया 2023 में इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (IDEX) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है.

17 अहम परियोजनाओं में से 12 अकेले चीन सीमा पर

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि हम चीन सीमा पर परियोजनाओं की निगरानी के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सत्रह महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से 12 अकेले चीन सीमा पर हैं. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि मैनुअल मॉनिटरिंग की कई सीमाएं हैं. यह इलाके की सही तस्वीर नहीं देता है. हमने टनल के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए एरियल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम का इस्तेमाल किया है. इसी तरह हम कई अन्य उद्देश्यों के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहते हैं. हम जल्द से जल्द उपयुक्त समाधान खोजने के लिए आईडीईएक्स को एक समस्या विवरण प्रस्तुत करेंगे.

सड़कों के निर्माण के लिए अपनाई गई 14 प्रकार की तकनीक

बीआरओ के महानिदेशक ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों के लिए रणनीतिक स्थानों पर सुरंग और पुल निर्माण में तेजी लाने के इरादे से बीआरओ के लिए समकालीन तकनीक को अपनाना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग का काम इस साल मई या जून में पूरा हो जाएगा. राजीव चौधरी ने दावा किया कि संगठन ने हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए 14 प्रकार की तकनीक अपनाई है. हमने दो महीने पहले अरुणाचल प्रदेश में एक सड़क बनाने के लिए स्टील स्लैग का इस्तेमाल किया और हाल ही में एक अलग साइट पर तैयार किए गए सभी पूर्वनिर्मित सुरक्षात्मक संरचनाओं, प्रबलित पृथ्वी की दीवारों, पुलिया, नालियों और फुटपाथों के साथ एक पायलट को अंजाम दिया. उन्होंने कहा, यह भविष्य में सभी क्षेत्रों (पूर्वोत्तर) में भारी बारिश में भी सड़कें बनाने में मदद करेगा.

विज्ञापन
Samir Kumar

लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola