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कौन थे राजा कुमार भास्कर वर्मा? जिनके नाम पर ब्रह्मपुत्र पर बना ₹3030 करोड़ का महासेतु

Updated at : 14 Feb 2026 2:27 PM (IST)
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Kumar Baskar Varma Setu Brahmaputra Bridge

ब्रह्मपुत्र नदी पर बने 'कुमार भास्कर वर्मा सेतु.

Kumar Baskar Varma: ब्रह्मपुत्र नदी पर 3030 करोड़ रुपये की लागत से बना 'कुमार भास्कर वर्मा' महासेतु अब जनता के लिए तैयार है. पीएम मोदी ने इस 6-लेन पुल का उद्घाटन किया, जिससे गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी की दूरी सिर्फ 7 मिनट रह जाएगी. जानिए आखिर कौन थे महान राजा भास्कर वर्मा जिनके नाम पर असम को यह बड़ी सौगात मिली है.

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Kumar Baskar Varma: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ का उद्घाटन किया. 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 6-लेन का पुल न केवल इंजीनियरिंग का नमूना है, बल्कि यह असम के गौरवशाली इतिहास को भी खुद में समेटे हुए है.

सिर्फ 7 मिनट में पूरा होगा सफर

अभी तक गुवाहाटी से नॉर्थ गुवाहाटी जाने में काफी समय लगता था, लेकिन इस पुल के शुरू होने से यह दूरी अब सिर्फ 7 मिनट में तय हो जाएगी. यह पूर्वोत्तर भारत का पहला ‘एक्स्ट्राडोज्ड’ पुल है. खास बात यह है कि भूकंप के खतरे को देखते हुए इसमें ‘फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग्स’ और ‘ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम’ लगाया गया है, जो रीयल-टाइम में पुल की मजबूती पर नजर रखेगा.

कौन थे राजा कुमार भास्कर वर्मा?

पुल का नाम जिस राजा के नाम पर रखा गया है, वे प्राचीन असम (कामरूप) के वर्मन राजवंश के सबसे प्रतापी राजा थे.

गोल्डन एरा: उनके शासनकाल (594-650 ईस्वी) को असम का स्वर्ण युग माना जाता है.

इंटरनेशनल कनेक्शन: प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेन सांग (Xuanzang) उन्हीं के बुलावे पर असम आए थे. उन्होंने राजा भास्कर वर्मा की खेती, सिंचाई और शिक्षा के प्रति प्रेम की तारीफ की थी.

हर्षवर्धन से दोस्ती: उत्तर भारत के सम्राट हर्षवर्धन के साथ उनके बहुत मजबूत रिश्ते थे.

नौसेना और सेना: उनके पास 30,000 नावों की विशाल नौसेना और 20,000 हाथियों की सेना थी.

कुमार राजा: वे जीवन भर अविवाहित रहे, इसलिए उन्हें ‘कुमार राजा’ कहा जाता है. असमिया कैलेंडर (भास्कराब्द) की शुरुआत भी उन्हीं के राज्याभिषेक से मानी जाती है.

सुखोई और राफेल ने भरी उड़ान

पीएम मोदी की मौजूदगी में डिब्रूगढ़ के इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर सुखोई Su-30MKI और राफेल लड़ाकू विमानों ने एयर शो किया. यह पूर्वोत्तर का पहला ऐसा रनवे है जिसे हाईवे पर बनाया गया है ताकि इमरजेंसी में फाइटर जेट्स और बड़े मालवाहक विमान (74 टन तक) यहां उतर सकें. यह आपदा के समय राहत कार्यों के लिए बहुत जरूरी साबित होगा.

डिजिटल और एजुकेशन में भी बड़ी छलांग

पीएमओ (PMO) के अनुसार, इस दौरे पर और भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हुई:

नेशनल डेटा सेंटर: कामरूप जिले में 8.5 मेगावाट की क्षमता वाला डेटा सेंटर शुरू हुआ है, जो नॉर्थ-ईस्ट के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा.

IIM गुवाहाटी: क्षेत्र में मैनेजमेंट की टॉप क्लास पढ़ाई के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) का उद्घाटन किया गया.

225 इलेक्ट्रिक बसें: पीएम ई-बस सेवा के तहत गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) के लिए इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई.

5,450 करोड़ रुपये की सौगात

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कुल 5,450 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसमें कनेक्टिविटी, उच्च शिक्षा और शहरी सुविधाओं पर जोर दिया गया है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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