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Kisan Andolan : किसानों का चक्का जाम, क्या काम आयेगी दबाव की राजनीति, क्या है टिकैत का प्लान

Updated at : 05 Feb 2021 8:38 AM (IST)
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Kisan Andolan : किसानों का चक्का जाम, क्या काम आयेगी दबाव की राजनीति, क्या है टिकैत का प्लान

New Delhi: Bharatiya Kisan Union Spokesperson Rakesh Tikait addresses farmers during their protest against new farm laws at Ghazipur border, in New Delhi, Thursday, Feb. 4, 2021. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI02_04_2021_000281A)

Kisan Andolan : नये कृषि कानूनों को वापस लेने की अपनी मांग को लेकर किसान अभी भी दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हैं. वे केंद्र की मोदी सरकार पर इसके लिए दबाव बनाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. इसके लिए छह फरवरी को चक्का जाम करने की तैयारी में किसान हैं. rakesh tikait,Ghazipur Border

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नये कृषि कानूनों को वापस (Farmers Protest, Farm Laws) लेने की अपनी मांग को लेकर किसान अभी भी दिल्ली के बॉर्डर ?(Ghazipur Border) पर डटे हैं. वे केंद्र की मोदी सरकार पर इसके लिए दबाव बनाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. इसके लिए छह फरवरी को चक्का जाम करने की तैयारी में किसान हैं. इस चक्का जाम के बारे में बात करते हुए भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait) ने पीएम मोदी (PM MODI) पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में हम कुछ नहीं कर रहे हैं, वहां तो राजा ने खुद किले-बंदी कर रखी है, हमारे चक्का जाम करने की जरूरत ही नहीं है. कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन & Kisan Andolan News से जुड़ी हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.

टिकैत ने आगे कहा कि चक्का जाम दिल्ली में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी नजर आएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान शामिल है. तीन घंटे का चक्का जाम होगा. इस दौरान जिन गाड़ियों को रोकने का काम किया जाएगा, उन्हें खाने को कुछ दिया जाएगा और पानी दिया जाएगा और बताया जाएगा कि सरकार उनके साथ क्या कर रही है. उन्होंने कहा कि किसान सरकार की सभी कीलें उखाड़ देंगे और एक-एक करके प्रदर्शन स्थल के बाहर लगाई गई कीलों को भी उखाड़ने का काम करेंगे.

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कुछ लोगों द्वारा खालिस्तानी और राष्ट्र विरोधी बताने पर बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता की प्रतिक्र‍ि या आई है. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह पुरानी बात है और यह सबके लिए आगे बढ़ने का समय है.

ऐसे हैं किसान : इधर, कई किसानों ने दिल्ली-मेरठ राजमार्ग के एक हिस्से में अस्थायी तंबू लगा रखे हैं, वहीं कई किसान ट्रैक्टर की ट्रॉलियों में ही आराम करते नजर आ रहे हैं. सड़क पर बिछायी गयी दरियों पर भी कुछ किसान खुले आसमान के नीचे डटे हुए हैं. गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों की मानें तो गाजीपुर में दिन में दो से तीन हजार की भीड़ थी. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की आलोचना के बाद प्रदर्शन स्थल के आसपास की सड़कों से कीलें हटा दी गयी है वहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि कीलों का स्थान बदला गया है.

तस्वीरें और वीडियो वायरल : एक प्रदर्शनकारी ने न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि जिस तरह वे कीलें हटा रहे हैं, उसी तरह कानून भी वापस लेंगे. पूर्वी दिल्ली के पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) दीपक यादव ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कायम रहेगी. उन्होंने कहा कि ऐसी तस्वीरें और वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, जिसमें दिख रहा है कि गाजीपुर में कीलें निकाली जा रही हैं. लेकिन, इनका स्थान बदला जा रहा है और सीमा पर सुरक्षा इंतजाम यथावत रहेंगे.

Posted By : Amitabh Kumar

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