Kisan Andolan : टिकरी बॉर्डर पर वकील ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में पीएम मोदी पर लगाए ये आरोप

New Delhi: Farmers during their sit-in protest against the Centre's farm reform laws, near Ghazipur border in New Delhi, Saturday, Dec. 12, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI12-12-2020_000182B)
Kisan Andolan : टिकरी बॉर्डर से कुछ दूरी पर ही एक वकील ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. ऐसा करने वाले वकील ने एक नोट छोड़ा है जिसमें उसने खुदकुशी के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार बताया है.lawyer commit suicide ,farmers protest, leave suicide note accuse pm narendra modi
नये कृषि कानून का विरोध करते हुए किसानों (Kisan Andolan) को एक महीने से ज्यादा हो गया है. मोदी सरकार और किसानों के बीच बातचीत की एक बार और तैयारी चल रही है. इसी बीच पंजाब के टिकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन से दुखद खबर सामने आ रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टिकरी बॉर्डर से कुछ दूरी पर ही एक वकील ने कथित तौर पर खुदकुशी (lawyer commit suicide) कर ली. ऐसा करने वाले वकील ने एक नोट छोड़ा है जिसमें उसने खुदकुशी के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार बताया है.
पत्र में वकील ने लिखा है कि वह किसान आंदोलन के समर्थन में अपना जीवन कुर्बान कर रहा है. इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद निवासी अमरजीत सिंह के तौर पर की गई है. वकील ने एक सुइसाइड नोट लिखा और जहरीला पदार्थ खा लिया. उसे बेसुध हालत में रोहतक के पीजीआईएमएस में पहुंचाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. यहा चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मिला सुसाइड नोट : पुलिस को अमरजीत के पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर छोड़ा है. इस नोट की बात करें तो इसका कुछ हिस्सा टाइप किया गया है जबकि कुछ हिस्सा हाथों से पेन के द्वारा लिखा गया है. पुलिस ने इस पत्र को कब्जे में ले लिया और जांच के लिए भेज दिया.
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क्या लिखा नोट में : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खुदकुशी करने वाले वकील अमरजीत सिंह ने पत्र में केंद्र के तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया है. नोट में उसने किसान आंदोलन के समर्थन में अपना बलिदान देने की बात लिखी है. आगे उनसे लिखा कि प्रधानमंत्री कुछ लोगों के ही बनकर रह गए हैं. तीनों कृषि बिल किसानों के साथ-साथ मजदूर और आम आदमी का जीवन तबाह कर देंगे. किसानों, मजदूर और आम आदमी की रोजी-रोटी सरकार छीनने में लगी हुई है.
न्यायपालिका पर सवाल : खबरों की मानें तो पीड़ित वकील प्रधानमंत्री के नाम यह पत्र पहले से ही टाइप कर रखा था और साथ लेकर यहां आये थे. हालांकि इस नोट में हाथ से लिखा है कि न्यायपालिका भी जनता का विश्वास खो चुकी है. इस संबंध ने पुलिस ने बताया कि अमरजीत सिंह फाजिल्का की जलालाबाद बार असोसिएशन के सदस्य थे जो किसान आंदोलन के दौरान नयागांव चौक के पास प्रदर्शन में शामिल थे. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
Posted By : Amitabh Kumar
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