Kirari Vidhan Sabha: पूर्वांचली तय करेंगे कौन होगा विजेता

Published by : Vinay Tiwari Updated At : 18 Jan 2025 6:39 PM

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किराड़ी विधानसभा सीट पूर्वांचली बहुल सीट में से एक है. इस बार यहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. आम आदमी पार्टी ने मौजूदा विधायक ऋतुराज झा का टिकट काटकर भाजपा से दो बार विधायक रहे अनिल झा काे मैदान में उतारकर तीसरी बार जीत हासिल करने की कोशिश में है. वहीं भाजपा ने भी पूर्वांचली बजरंग शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से राजेश गुप्ता प्रत्याशी बनाए गए हैं.

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Kirari Vidhan Sabha: दिल्ली विधानसभा चुनाव इस बार दिलचस्प होता जा रहा है. इंडिया गठबंधन में शामिल दो दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे है. वहीं दूसरी ओर भाजपा और सहयोगी दल जदयू और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) मिलकर चुनाव लड़ रही है. दिल्ली में विधानसभा का चुनाव त्रिकोणीय हो गया है. भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक-एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. दिल्ली में हर सीट पर सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए पार्टियों ने उम्मीदवार उतारा है. सभी पार्टियों की नजर पूर्वांचली मतदाताओं को साधने की है. यही वजह है कि उम्मीदवार के चयन में भी पूर्वांचली फैक्टर हावी रहा है. उत्तर-पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाला किराड़ी विधानसभा सीट पूर्वांचली बहुल सीट में से एक है. इस बार यहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. 


आम आदमी पार्टी ने मौजूदा विधायक ऋतुराज झा का टिकट काटकर भाजपा के दो बार विधायक रहे अनिल झा काे मैदान में उतारकर तीसरी बार जीत हासिल करने की कोशिश में है. वहीं भाजपा ने भी पूर्वांचली बजरंग शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से राजेश गुप्ता प्रत्याशी बनाए गए हैं.  इस क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी काफी अधिक हैं. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की नजर मुस्लिम मतदाताओं को साधने की है, जबकि भाजपा पूर्वांचली और अन्य वर्ग को साधकर चुनाव जीतने की कोशिश में है. 


स्थानीय समस्याओं का है अंबार


किराड़ी विधानसभा के तहत किराड़ी, प्रेम नगर, मुबारकपुर, निठारी और अमन विहार वार्ड आते हैं. इस क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनियों की संख्या काफी अधिक है. साथ ही कुछ गांव भर शामिल है. पांच वार्ड में से दो पर आम आदमी पार्टी और तीन पर भाजपा के पार्षद हैं. इलाके में 31 फीसदी ब्राह्मण, 20 फीसदी मुस्लिम, 32 फीसदी अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग से, 7 फीसदी जाट के अलावा अन्य समुदाय के लोग हैं. इलाके के लोगों का कहना है कि किराड़ी रेलवे फाटक पर काफी समय से अंडरपास या ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन लोगों की मांग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. जल निकासी की सुविधा नहीं होने से जलभराव की स्थिति बनी रहती है. पिछले साल एक बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो गयी थी. 


स्थानीय निवासी उर्मिला का कहना है कि जल निकासी की सुविधा नहीं है. बिजली के तार लटकते रहते हैं और इससे काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. मोहम्मद रिजवान का कहना है कि इलाके में सड़कों की हालत काफी खराब है. कई सड़कें जलभराव के कारण पानी में डूबी रहती है. लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है. शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती है. ऑटो चलाने वाले विजय झा ने कहा कि इलाके में गंदगी बड़ी समस्या है.

नालियों की कभी सफाई नहीं होती है. इस इलाके में गाड़ी चलाना काफी मुश्किल होता जा रहा है. कई सड़कों को चुनाव के देखते हुए बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन इसे बीच में रोक दिया गया. लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. पहले के मुकाबले हालात खराब हुए हैं. इस बार इलाके के लोग बदलाव चाहते हैं. 

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