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दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ आज से एंटी डस्ट अभियान शुरू करेगी सरकार, नियम नहीं मानने वालों पर लगेगा जुर्माना

सरकार की एंटी डस्ट अभियान के दौरान निगरानी के लिए 31 टीमों का गठन किया गया है.

By Prabhat khabar Digital
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प्रदूषण पर प्रहार.
प्रदूषण पर प्रहार.
फोटो : ट्विटर.

नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार गुरुवार से प्रदूषण के खिलाफ एंटी डस्ट अभियान की शुरुआत करेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार के इस अभियान के तहत कंस्ट्रक्शन साइट पर निर्माण संबंधी नियमों को लागू करना जरूरी होगा. नियमों का पालन नहीं करने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के तहत 10 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा.

मीडिया की खबरों के अनुसार, सरकार की एंटी डस्ट अभियान के दौरान निगरानी के लिए 31 टीमों का गठन किया गया है, जिसमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की 17 और ग्रीन मार्शल की 14 टीमों को तैनात किया गया है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि कंस्ट्रक्शन साइटों पर निर्माण संबंधी 14 नियमों को लागू करना जरूरी है. इसके संबंध में पब्लिक नोटिस जारी किया गया है. इसके साथ ही, सीएंडडी वेस्ट के स्वयं ऑडिट और प्रबंधन के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा.

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आगे कहा कि अभियान के पहले चरण में तैनाम टीम मोबाइल वैन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी का काम करेंगी. इसके लिए पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में डीपीसीसी की एक-एक टीम तैनात की गई है. इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली में दो-दो टीमों को तैनात किया गया है. इसके साथ ही, दिल्ली के सभी सातों जिलों में एक-एक टीम ग्रीन मार्शल की नियुक्ति की गई है.

उन्होंने कहा कि अभियान में शामिल टीमों के सदस्यों को बुधवार को ही ट्रेनिंग दे दी गई है. प्रदूषण से संबंधित मिलने वाली सभी शिकायतों को ग्रीन ऐप पर अपलोड किया जाएगा. ग्रीन वार रूम से समस्या की निगरानी कर उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा. इसके बाद भी कहीं पर किसी की लापरवाही दिखाई देगी, तो संबंधित व्यक्ति, संस्था, संस्थान को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. इसके बाद भी प्रदूषण जारी रहता है, तो डीपीसीसी के जरिए काम बंद करने का फैसला किया जाएगा.

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