Karnataka: क्या कर्नाटक कांग्रेस में सब ठीक नहीं? तीन और उपमुख्यमंत्री की मांग पर बवाल
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 17 Sep 2023 8:56 PM
तीन और उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति के लिए अपने मंत्रिमंडल के भीतर से उठ रही आवाजों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि इस पर आलाकमान फैसला करेगा और वह फैसले का पालन करेंगे.
कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के एन राजन्ना ने लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में तीन और उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने की मांग कर दी. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस आलाकमान के साथ इस बारे में चर्चा करेंगे. इधर इस मांग पर राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का भी बयान सामने आया है.
तीन और उपमुख्यमंत्री पर आलाकमान करेगा फैसला : सिद्धारमैया
तीन और उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति के लिए अपने मंत्रिमंडल के भीतर से उठ रही आवाजों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि इस पर आलाकमान फैसला करेगा और वह फैसले का पालन करेंगे. मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर वह कुछ नहीं कहेंगे. निर्णय लेना आलाकमान का काम है. उन्होंने कहा, राजन्ना ने अपनी राय व्यक्त की है, लेकिन अंतत: फैसला आलाकमान को करना है. आलाकमान ने कहा था कि एक उपमुख्यमंत्री पर्याप्त है और एक को नियुक्त किया है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है. आखिरकार फैसला हाईकमान को करना है. हाईकमान जो भी फैसला लेगा, मैं उसका पालन करूंगा.
एन राजन्ना ने इन समुदाय के नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग की
एन राजन्ना ने वीरशैव-लिंगायत, अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं को उपमुख्यमंत्री पद दिए जाने की वकालत की. फिलहाल वोक्कालिगा समुदाय से संबंधित डी के शिवकुमार सिद्धारमैया के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री हैं. शिवकुमार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं. राजन्ना ने कहा था, लोकसभा चुनाव नजदीक है, हम देख रहे हैं और सभी दल चुनाव की तैयारी कर रहे हैं. हमारी इच्छा है कि कांग्रेस को कर्नाटक में अधिकतम सीट पर जीतना चाहिए. हमें अपनी जीत पर भरोसा है. मंत्री ने कहा कि उपमुख्यमंत्री का एक पद अनुसूचित जाति-जनजाति, एक पद अल्पसंख्यक समुदाय और एक पद वीरशैव समुदाय के नेता को दिया जाना चाहिए.
मैं उपमुख्यमंत्री पद नहीं चाहता : राजन्ना
मंत्री राजन्ना ने अपने इस विचार को व्यक्तिगत राय बताते हुए कहा कि वह इस मसले पर आला कमान के साथ चर्चा करेंगे. यह पूछे जाने पर कि किसे उपमुख्यमंत्री बनाना चाहिए, इस सवाल के जवाब में अनुसूचित जनजाति के नेता राजन्ना ने कहा कि इसका फैसला आला कमान करेगा. उन्होंने कहा, मैं उपमुख्यमंत्री पद नहीं चाहता, लेकिन आला कमान को इन समुदायों के नेताओं को यह पद देना चाहिए. आला कमान का निर्णय हम सबका निर्णय होगा.
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प्रियंक खरगे ने कहा, कोई भी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी राय रख सकता है
राजन्ना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आईटी/बीटी मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा, कोई भी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी राय रख सकता है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि आलाकमान के समक्ष इस तरह (एक से अधिक उपमुख्यमंत्री) का कोई प्रस्ताव है.
तीन और उपमुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग पर शिवकुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
तीन और उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से संबंधित राजन्ना के बयान पर शिवकुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है. लेकिन शिवकुमार के भाई और सांसद डी के सुरेश ने कहा, आपको इसके बारे में राजन्ना से पूछना चाहिए. वह सरकार चलाने में शामिल हैं.
राजन्ना का बयान सिद्धरमैया के खेमे द्वारा शिवकुमार को नियंत्रण में रखने के रूप में देखा जा रहा
कांग्रेस के भीतर एक वर्ग की राय है कि राजन्ना का बयान सिद्धरमैया के खेमे द्वारा शिवकुमार को नियंत्रण में रखने और सरकार तथा पार्टी दोनों में उनके प्रभाव को कम करने की योजना का हिस्सा है, क्योंकि इस बात की चर्चा है कि इस सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के बाद शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की मांग कर सकते हैं. मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के अंदर अलग-अलग आवाज उठती रही हैं.
बी के हरिप्रसाद ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए जी परमेश्वर के नाम पर चर्चा करने की सलाह दी
हाल ही में, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और एमएलसी बी के हरिप्रसाद ने कहा था कि या तो दलित नेता और सबसे लंबे समय तक केपीसीसी अध्यक्ष रहे जी परमेश्वर (अब गृह मंत्री) को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए था या कम से कम उपमुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर विचार किया जाना चाहिए था, क्योंकि वह पहले भी उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के सतीश जारकीहोली (लोक निर्माण मंत्री) को उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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