1. home Hindi News
  2. national
  3. kangana ranaut latest news update kangana ranaut office demolish shiv sena uddhav thackeray sanjay raut ncp sharad pawar bmc maharashta govt upl

Kangana Ranaut News: कंगना रनौत के खिलाफ जंग में अकेले पड़ी शिवसेना, गठबंधन वाली सरकार पर पड़ेगा असर?

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
बीएमसी, शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार की काफी आलोचना हो रही है
बीएमसी, शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार की काफी आलोचना हो रही है
File

Kangana Ranaut, Kangana Ranaut News: कंगना रनौत के ऑफिस में हुए कथित अवैध निर्माण को बीएमसी ने बुधवार को गिरा दिया. इसके बाद बीएमसी, शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार की काफी आलोचना हो रही है. लोग इस कार्रवाई को बदले की भावना के आधार पर देख रहे हैं. वहीं कंगना रनौत भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पर काफी हमलावर हैं.

अपने ट्वीट के जरिए वो लगातार निशाना साध रही हैं. बता दें बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी की कार्रवाई रोक लगा दी गई है. कंगना रनौत के साथ बढ़ा विवाद महाराष्ट्र में चल रही गठबंधन सरकार की और मुश्किलें बढ़ा सकता है. दरअसल, बीएमसी ने कंगना के ऑफिस पर बुलडोजर चलाया तो शिवसेना को अपने साथी दलों (कांग्रेस-एनसीपी) का साथ नहीं मिला.

बीएमसी की कार्रवाई के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात के लिए सीएम के आधिकारिक निवास वर्षा बंगला भी पहुंचे. इस बैठक में शिवसेना के प्रवक्‍ता संजय राउत भी मौजूद रहे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में कंगना मामले पर कहा गया है कि यह कार्रवाई बीएमसी की ओर से की गई है. इसमें महाराष्‍ट्र सरकार का कुछ लेनादेना नहीं है. ऐसे में इस मामले को अधिक महत्‍व ना दिया जाए.

बता दें कि बीएमसी की कार्रवाई के बाद शिवसेना लोगों के निशाने पर आ गई है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी बीएमसी की इस कार्रवाई को गैर जरूरी बताया है. इस बैठक से पहले शरद पवार ने कहा कि बीएमसी की कार्रवाई पर कहा कि , 'मुझे उनके कार्यालय के संबंध में कोई जानकारी नहीं है. लेकिन मैंने समाचार पत्रों में पढ़ा कि यह एक अवैध निर्माण था. हालांकि, मुंबई में अनधिकृत निर्माण नए नहीं हैं.

अगर बीएमसी नियमानुसार कार्य कर रही है, तो यह सही है. पवार ने कहा कि मौजूदा स्थिति में इस तरह की कार्रवाइयां लोगों के मन में संदेह पैदा करती हैं. कार्रवाई करने से उन्हें बोलने का मौका मिला है. यह जांचने की जरूरत है कि बीएमसी ने अब कार्रवाई क्यों की. इसके अलावा पवार ने कंगना रनौत का नाम लिए बिना कहा कि उनके बयानों को अनुचित महत्व दिया जा रहा है.

वहीं कांग्रेस के संजय निरूपम ने कहा कि कंगना का ऑफिस अवैध था या उसे धवस्त करने का तरीका? क्योंकि हाई कोर्ट ने कार्रवाई को गलत माना और तत्काल रोक लगा दी. पूरा एक्शन प्रतिशोध से ओत-प्रोत था. लेकिन बदले की राजनीति की उम्र बहुत छोटी होती है. कहीं एक ऑफिस के चक्कर में शिवसेना की बर्बादी शुरू हो जाए.

भाजपा इस पूरे मुद्दे को लेकर शिवसेना पर हमलावर है. फडणवीस ने कहा कि किसी ने आपके (उद्धव ठाकरे) खिलाफ बात कही इसलिए अगर आप तब कार्रवाई करते हो तो ये कायरता है बदले की भावना है और महाराष्ट्र में इस तरह की भावना का कोई सम्मान नहीं हो सकता है.

Posted By: Utpal kant

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें