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साधुओं के सबसे बड़े संगठन से भी कंगना को मिला समर्थन, राजनीतिक मोर्च पर भी अकेले पड़े उद्धव ठाकरे

By Prabhat khabar Digital
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मुंबई : बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और महाराष्ट्र सरकार (Government of Maharashtra) के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है. मामला अब कोर्ट में पहुंच चुकी है. इधर विवाद के बीच कंगना भारी सुरक्षा के बीच बुधवार को मुंबई पहुंची और आज कोर्ट से सुनवाई टलने के बाद अपने ऑफिस का हाल जानने के लिए वहां पहुंची. ऑफिस में तोड़फोड़ को देखकर कंगना काफी परेशान भी दीखीं. हालांकि उन्होंने उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ हमला करना नहीं छोड़ा है. उन्होंने ऑफिस का हाल देखकर लौटने के बाद हर-हर महादेव लिखकर ट्वीट किया.

इधर कंगना को चौतरफा समर्थन मिल रहा और बीएमसी कार्रवाई पर महाराष्ट्र सरकार की जमकर आलोचना हो रही है. इस बीच बॉलीवुड अभिनेता कंगना रनौत को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhada Parishad) का समर्थन मिला गया है. कंगना को देश की बहादुर और साहसी बेटी बताते हुए, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि अभिनेत्री पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा डर से हमला किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, कंगना ने निडर होकर बॉलीवुड में एक विशेष समुदाय के वर्चस्व के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है. इससे न केवल बॉलीवुड के माफिया डर गए हैं, बल्कि सरकार के भी कदम उखड़ रहे हैं. यही वजह है कि सच की आवाज को दबाने के लिए उद्धव ठाकरे सरकार ने कंगना रनौत के कार्यालय पर बुलडोजर चलवाया है. सुशांत सिंह मर्डर केस में जिस बहादुरी से कंगना ने ड्रग और बॉलीवुड माफियाओं का सामना किया है उससे लोगों में बौखलाहट है.

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है. पालघर में दो साधुओं की हुई हत्या के मामले में भी महाराष्ट्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने कहा है कि अखाड़ा परिषद ने पालघर मामले में भी सीबीआई जांच की मांग की है. महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि कंगना की इस लड़ाई में साधु-संत और पूरा देश उनके साथ है. उन्होंने कंगना को सुरक्षा देने के लिए हिमाचल प्रदेश और केंद्र सरकार को भी धन्यवाद दिया.

एक ओर कंगना को चारो तरफ से समर्थन मिल रहा है वहीं इस मामले में उद्धव ठाकरे सरकार की निंदा हो रही है. महाराष्ट्र सरकार को अपने सहयोगी पर्टियों का भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

दूसरी ओर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कंगना रनौत मामले से निपटने के तरीके को लेकर अप्रसन्नता जतायी है. इसके साथ ही कंगना के बंगले में ‘अवैध निर्माण' को गिराने के मुंबई नगर निकाय के तरीके से भी वह नाखुश हैं. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मुख्य सलाहकार अजॉय मेहता को तलब किया और पूरे मामले पर अपनी नाराजगी जताई.

गौरतलब है कि कंगना ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से की थी. इसके बाद कंगना और शिवसेना के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया था. इसी वाकयुद्ध के बीच बीएमसी की एक टीम ने बुधवार को बांद्रा के पाली हिल इलाके में कंगना के बंगले में अवैध निर्माण को गिरा दिया था.

Posted By - Arbind Kumar Mishra

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