घर से भारी नकदी बरामदगी के एक साल बाद जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 10 Apr 2026 2:06 PM

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जस्टिस यशवंत वर्मा (File Photo)

Yashwant Varma Resigns : इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा भेज दिया है. उनके घर से जले हुए नोटों के बंडल मिलने के बाद उन पर महाभियोग की कार्रवाई चल रही थी, इसी बीच उन्होंने पद छोड़ दिया.

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Yashwant Varma Resigns : यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर कथित तौर पर बेहिसाब नकदी मिलने के विवाद के करीब एक साल बाद यह फैसला उनकी ओर से लिया गया. 9 अप्रैल को राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में जस्टिस यशवंत वर्मा ने लिखा कि वह कारणों का बोझ राष्ट्रपति पर नहीं डालना चाहते. उन्होंने कहा कि बेहद दुख के साथ वह तुरंत प्रभाव से इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पद से इस्तीफा दे रहे हैं और इस पद पर सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है.

पिछले साल 14 मार्च 2025 को नई दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास पर जले हुए नोटों के बंडल मिले थे. इसके बाद उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेज दिया गया था.

वर्मा को काफी पहले दे देना चाहिए था इस्तीफा : बार एसोसिएशन

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के इस्तीफे पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को कहा कि उन्हें काफी पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि यशवंत वर्मा को इस्तीफा ही देना था तो काफी पहले दे देते… यह हम सभी के लिए बेहतर रहता. इससे झूठमूठ का विवाद पैदा होता रहा. इससे सभी की, हाई कोर्ट, पूरी न्यायपालिका और स्वयं उनकी भी छवि धूमिल हुई.

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राकेश पांडेय ने कहा कि अगर वह लड़ रहे थे तो उन्हें लड़ते रहना चाहिए था, और अगर इस्तीफा देना था तो इसे शुरू में ही दिया जा सकता था. उन्होंने अब जाकर इस्तीफा दिया है तो भी यह स्वागत योग्य कदम है… उन्होंने समझदारी का काम किया.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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