महादेव सट्टा ऐप केस में ED का एक्शन: Ebix चेयरमैन विकास गर्ग गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

ईडी की टीम और गोल घेरे में ईबिक्स समूह के चेयरमैन विकास गर्ग, फोटो एक्स
Mahadev Betting App Case: ED ने महादेव ऑनलाइन सट्टा एप्लिकेशन से जुड़े करोड़ों रुपये के धनशोधन मामले में ईबिक्स समूह के चेयरमैन विकास गर्ग को मंगलवार को गिरफ्तार किया.
Mahadev Betting App Case: गर्ग के दिल्ली स्थित ठिकानों की तलाशी के बाद उन्हें धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया. उन्हें दिल्ली की एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया. कोर्ट ने गर्ग को 24 की ईडी हिरासत में भेज दिया. ईडी गर्ग को जांच के सिलसिले में रायपुर लेकर जाएगी.
गर्ग पर क्या है आरोप?
ईबिक्स समूह के अलावा, गर्ग शेयर बाजार में सूचीबद्ध तीन कंपनियों विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के प्रवर्तक हैं. ईडी के मुताबिक उन्होंने कथित तौर पर गैर-कानूनी सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल करके एराया लाइफस्पेस के जरिए ईबिक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी.
ईडी ने गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की
केंद्रीय एजेंसी ने बताया था कि उसने जांच के तहत गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. ईडी ने बताया, ‘‘कुर्की की कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक/स्काईएक्सचेंज ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में धनशोधन जांच का हिस्सा है.’’ एजेंसी ने आरोप लगाया है कि महादेव सट्टा ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता और नौकरशाह संलिप्त हैं और इस मामले में अपराध से हुई कमाई 6,000 करोड़ रुपये है.
सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को हवाला के जरिये ठिकाने लगाया गया
ईडी का आरोप है कि ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ और ‘स्काईएक्सचेंज’ (दुबई स्थित एक्सचेंज) के गैर-कानूनी सट्टेबाजी कारोबार से कमाए गए पैसे को ‘हवाला’ के जरिये कई स्तरों वाले ढांचे के जरिए ठिकाने लगाया गया. जांच में खुलासा हुआ कि सट्टेबाजी कारोबार से हुई 940.77 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को इसी तरह से उन कंपनियों में भेजा गया, जिनकी मिल्कियत और ‘नियंत्रण’ गर्ग के पास थी. ईडी का आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल शेयर, प्रतिभूति और दूसरी संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया था.
अब तक 14 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी है. रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में अब तक दाखिल पांच आरोप पत्र में 74 लोगों/संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है. एजेंसी ने इस मामले में नामजद अन्य लोगों, जैसे अनिल अग्रवाल (उर्फ अतुल) और शुभम सोनी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कराने के लिए अदालत का रुख किया है.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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