Jamia Violence: जामिया मिलिया में हिंसा को लेकर विवि प्रशासन सख्त, 15 छात्रों पर कार्रवाई, 3 निष्कासित
Published by : Pritish Sahay Updated At : 01 May 2023 9:30 PM
Jamia Violence: साल 2022 के सितंबर महीने में जामिया मिलिया में छात्रों के दो गुटों में जमकर हिंसा हुई थी. उस हिंसा में एक छात्र को गोली लग गई थी. घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर हिंसा में शामिल 15 छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी.
Jamia Violence: दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने 15 छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. सख्त कार्रवाई में तीन को निष्कासित करना भी शामिल है. मामला छात्रों को आपसी विवाद से जुड़ा है. दरअसल बीते साल छात्रों के दो समूहों के बीच पहले विवाद हुआ फिर मामला हाथापाई और मारपीट में तब्दील हो गया. इस हंगामे में एक छात्र को गोली भी लगी थी. अब विश्वविद्यालय इस घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है.
Delhi's Jamia Millia Islamia has taken "strict action" against 15 students, including expulsion of three, for their involvement in last year's scuffle between two groups that had resulted in a student sustaining bullet injuries. pic.twitter.com/nnOyhqbrDN
— ANI (@ANI) May 1, 2023
साल 2022 में हुई थी हिंसा: गौरतलब है कि पिछले साल यानी 2022 के सितंबर महीने में जामिया मिलिया में छात्रों के दो गुटों में जमकर हिंसा हुई थी. उस हिंसा में एक छात्र को गोली लग गई थी. घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर हिंसा में शामिल 15 छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी. 3 छात्रों को निष्कासित किया जा रहा है.
छात्रों पर कई तरह के प्रतिबंध: निष्कासन के अलावा सजा पाने वाले छात्रों के कॉलेज कैंपस में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. उन्हें हॉस्टल में रहने की इजाजत नहीं होगी. साथ उन्हें अच्छा व्यवहार करने के लिए बॉन्ड भी भरना होगा. विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सजा पाने वाले छात्रों में से सिर्फ तीन छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दी गई है. लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद ये भी अगले 5 सालों तक कॉलेज में जा सकते इसके अलावा इन्हें अब विश्वविद्यालय के किसी भी अन्य कोर्स में एडमिशन नहीं दिया जाएगा.
सजा के माध्यम से संदेश: गौरतलब है कि इससे पहले भी जामिया में छात्र गुटों के बीच विवाद हो चुका है. अब इस मामले में विश्वविद्यालय सह संदेश देना चाहता है कि कॉलेज का अनुशासन भंग करने पर छात्रों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. गुटबंदी और मारपीट कॉलेज प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा. इस छात्रों की सजा एक संदेश की तरह अन्य छात्रों के जेहन में भी जाएगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










